ओवैस सिद्दीकी, अकोला (महाराष्ट्र), NIT;
सिटी कोतवाली पुलिस थाने के निरीक्षक विलास पाटील ने कोतवाली की कमान संभालते ही अपने क्षेत्र में चलने वाले सभी अवैध धंधें बंद करवा दिए तथा सभी अवैध कारोबारियो की कमर तोड़ दी जिससे अवैध व्यवसाय करने वाले काफी परेशान हो गए हैं। अवैध धंधों की अनुमति देने के लिए धंधा संचालक काफी प्रयासरत हैं किंतु पुलिस निरीक्षक किसी भी अवैध व्यवसायी को थाने की सीढिय़ा भी नहीं चढने दे रहे हैं। इसी बीच थाने में आए एक कर्मचारी ने इन अवैध धंधा व्यवसायियों को अनुमति देने के लिए संपर्क आरंभ कर दिया है लेकिन पुलिस निरीक्षक के आगे इनकी सुनवाई नहीं हो पा रही है। सूत्रों के अनुसार शहर के एक बाजार में बेचे जाने वाले गुटखा माफिया भी अनुमति के लिए एडी चोटी का जोर लगा रहे हैं। विगत दो माह से कोतवाली परिसर में गुटखा बिक्री के व्यवसाय पर पूरी तरह से रोक लगी हुई है जबकि इन गुटखा व्यवसायियों से एक कर्मचारी नियमित रूप से संपर्क बनाए हुए है।
सूत्रों के अनुसार वह पुलिस कर्मी थानेदार का मन बदलने का प्रयास करते हुए इन धंधों को अनुमति देने की जुगत में लगे होने तथा बाजार के नितिन नामक गुटखा विक्रेता से सेटिंग के नाम पर 10 हजार रूपए की बयाना राशि भी लिए जाने की चर्चा चल रही है। जबकि कुमार नामक गुटखा माफिया को अनुमति भी प्रदान की जा चुकी है। पुलिस निरीक्षक को इन मामलों से अनभिज्ञ रखते हुए इन अवैध व्यवसायियों को अनुमति देने वाले इस विशेष कर्मचारी से अधिकारी क्यों खौफ खाते है यह चर्चा का विषय पुलिस महकमे में बना हुआ है। जिला पुलिस अधीक्षक एम.राकेश कलासागर, शहर उपविभागीय अधिकारी उमेश माने पाटील, कोतवाली पुलिस निरीक्षक विलास पाटील अपराधियों तथा अवैध व्यवसायियों की कमर तोडऩे में लगे है इसके विपरित यह कर्मचारी आखिरकार किस गॉड फादर की बदौलत अवैध व्यवसायियों से संपर्क कर अनुमति देने की हिमाकत कर रहा है इसकी जांच करने की नौबत वरिष्ठ अधिकारियों समेत पुलिस निरीक्षक पर आन पड़ी है।
शहर में जारी आपराधिक घटनाओं की जांच की व्यस्तता के चलते गुटखा विक्रेताओं पर करवाई में थोड़ा विलंब होरहा है किन्तु इन विक्रेताओं एवं माफियाओं के खिलाफ विशेष मोहिम चलाकर करवाई की जाएंगी साथ ही जो भी कर्मचारी की विक्रेताओं/माफियाओं से मिली भगत(सेटिंग) पाई गई उसपर कड़ी करवाई की जाएगी: विलास पाटिल, पुलिस निरीक्षक सिटी कोतवाली थाना।
