मुबारकपुर में अवैध कब्जे की खबर वायरल होने पर उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने रूकवाय अवैध निर्माण कार्य | New India Times

जावेद अंसारी, मुबारकपुर/आजमगढ़ (यूपी), NIT; ​मुबारकपुर में अवैध कब्जे की खबर वायरल होने पर उच्च अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद पुलिस ने रूकवाय अवैध निर्माण कार्य | New India Timesदेश में भ्रष्टाचार एवं भ्रष्टाचारियों पर अधिकतर विभागों में आम जनता एवं सोशल मीडिया में छपी खबरों को अन्य जनपदों के अधिकारी भले ही संज्ञान मे ले रहे है या न ले रहो लेकिन आजमगढ़ के सवा लाख आबादी वाले कस्बा मुबारकपुर में नगर पालिका परिषद एवं पुलिस प्रशासन सोशल मीडिया पर क्षपी खबरों को ध्यान में रखकर तत्परता से कार्यवाही करने से जहां मुबारकपुर की गलियों में खुशी की लहर दौड़ गई और लोगों ने कहा कि ऐसे अधिकारी अगर रहे तो समाज को एक नई दिशा मिलेगी।

खबर वायलर होते ही तेज़ तर्रार लोकप्रिय चौकी प्रभारी कौशल कुमार पाठक जी पूरे दल बल के साथ निर्माण कार्य को रुकवा दिया और कड़ी चेतवनी दी कि अब कोई निर्माण कार्य नही होगा।

विदित हो कि मेरे द्वारा गांधी विद्यालय के समीप कुछ भूखंड पर विद्यालय के दबंगों द्वारा प्रबंधक को जानकारी मे न रखकर कुछ भाग पर पहले तो कब्जा जमाया फिर भवन का निर्माण कर अवैध कब्जा जमा लिया जो कि सरासर गलत है जिसको लेकर कस्बा के सम्मानित लोगों और सभासदों ने आप्तिय किये जाने के बाद मेरे द्वारा सोशल खबरों को ध्यान में रखकर तत्काल अधिशासी अधिकारी राजपीत जी ने पुलिस विभाग को पत्र लिखकर तत्काल अवैध निर्माण को आदेशित कर रुकवाया यह खबर जैसे ही लोगों को सुनाई पड़ी लोगों में खुशी की लहर दौड़ गई वहीं लोगों का कहना है कि जिस भूखंड पर दंबगों द्वारा अवैध कब्जा किया जा रहा है निष्पक्ष जांच हो जाए तो कई अधिकारियों कि गर्दन तलवार के निचे होगी लोगों का यह भी मानना है कि विघालय के कर्मचारियों एवं कुछ बैंक कि मिलीभगत एवं सुविधा शुल्क लेकर बैंक के अधिकार इस जमीन पर लोन कर दिया है कुछ जानकारों का यह भी मानना है कि पूर्व अधिशासी अधिकारी प्रतिभा सिंह ने भूखंड की रजिस्ट्री एवं कागजों की जांच संबंधी आवश्यक पत्रावलियों को अपने ऑफिस में तलब किया जो सही साक्ष्य न होने पर काम रूकवाने नक्शा को पास न करने का आदेश परित कर दिया जो 4 माह बीत जाने के बाद भी आज तक उस भूखंड का कोई नक्शा पास नही है दूसरी तरफ जानकार यह भी बताते हैं कि यह भूखंड पर नवरत्न शाह के द्वारा पूर्व में गांधी विद्यालय को उक्त जमीन दान पर दी जा चुकी है दान देने के बावजूद भी एक व्यक्ति किसी संस्था की जमीन को कैसे बैनामा कर सकता है। अगर उच्चअधिकारी इस पर बिंदुवार जांच करें तो इस से भी बड़ा गड़बड़झाला सामने आएगा।

By nit

Exit mobile version