वी.के.त्रिवेदी, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT;
उत्तर प्रदेश के जनपद लखीमपुर खीरी में आरटीओ विभाग में रिश्वतखोरी का खेल चल रहा है जिसका खामियाजा यात्री भुगत रहे हैं। मानक विहीन चल रहे वाहनों से आए दिन हो रही सड़क दुर्घटनाओं से दर्जनों लोग जान से हाथ हो बैठे हैं फिर यहां भ्रष्ट अधिकारियों की कार्यशैली में कोई बदलाव नहीं आया है। खबर है कि ओवरलोड वाहनों को नजरअंदाज कर आरटीओ खीरी अधिकारी एक ही ट्रान्सपोर्टर की गाड़ी का बार बार चालान कर रहे हैं जिससे शाद इन्हें शायद रिश्वत लेने में दुश्वारी आ रही है।
शुक्रवार को मैगलगंज में एक मानक विहीन चल रहे आटो से टकराकर एक महिला की मौत हो गयी थी। यहां जनपद के स्कूलों में भी नहीं है मानक के अनुसार वाहन नहीं है। आखिर अधिकारी मौन क्यों हैं? परिवहन विभाग के अधिकारी व एआरटीओ के मिले संरक्षण से टूरिस्ट परमिट पर प्राइवेट बसें दिल्ली के लिए सवारियां ले जा रही हैं जिससे प्राइवेट बसें सरकारी राजस्व का नुकसान हो रहा है। इतना सब होने के बाद भी आंखें बंद करके आरटीओ खीरी अधिकारी बैठे है और जनपद में धड़ल्ले से ओवरलोडिंग का खेल जारी है। महीने में एक दो बार चेकिंग के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति की जाती है। बताया जाता है कि दलालों के मकड़ाजाल में आरटीओ विभाग फंसा हुआ है, बिना दलालों के विभाग में कोई काम नहीं हो सकता है।
मिली जानकारी के अनुसार सुबह 6 बजे और शाम 5 बजे के बाद लखीमपुर, मैगलगंज, गोला, मोहम्मदी होकर दिल्ली को प्राइवेट बसें चलाई जाती हैं। जनपद भर में वाहनों के पीछे लटकाकर सवारियां डग्गामार वाहन चालक ढो रहे हैं। एक ट्रान्सपोर्टर ने नाम न छापने की शर्त पर NIT संवाददाता को बताया कि एआरटीओ विभाग में पांच हजार रूपये प्रति माह एक ट्रक से अवैध वसूली की जाती है।
