साबिर खान, आजमगढ़/लखनऊ, NIT;
फर्जी बैनामों की रोकथाम के लिए ढेरों नियम कानून होने के बावजूद देश में फर्जी बैनामों का सिलसिला बदस्तूर जारी है। गत दिनों आजमगढ़ जिला के कस्बा सराय में हुये टिल्ठु पुत्र खरपत्तु के खेत के फर्जी बैनामे का मामला अभी पूरी तरह शांत भी नहीं हुआ था कि उसी गांव में एक और फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया है। यहां एक सगे चाचा ने अपने बीमार भाई को गुमराह कर फर्जी तरीके से अपने दो नाबालिग बेटों के नाम कीमती आम का बाग बैनामा करवा कर भाई की एक लौती संतान भतीजी की जायदाद हडपने की कोशिश की है, जिसकी चर्चा इन दिनों गांव में जोरों पर है। इस फर्जीवाड़े में मसूद अहमद ने अपने बड़े भाई अब्दुल फत्ताह से आम की बाग अपने नाबालिगान के नाम फर्जी तरीके से बैनामा करा कर वारदात को अंजाम दिया है। पूरे मामले को लेकर अब्दुल फत्ताह की एकलौती संतान और पीड़िता शबीह फातिमा ने मुख्यमंत्री दरबार में गुहार लगा कर बैनामे की उच्चस्तरीय जांच कराने एवं दोषियों के विरूद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
विदित रहे कि कस्बा सराय निवासी मसूद अहमद और स्वर्गीय अब्दुल फत्ताह फारूकी पुत्र अब्दुल हमीद फारूकी भाई हैं। अब्दुल फत्ताह की एकलौती बेटी और वारिस शबीह फातिमा को मद्देनजर रखते हुये चाचा मसूद अहमद की भाई की सम्पत्ति को लेकर नियत खराब हो गई और उन्होंने अपने नाबालिग बेटे फुरकान अहमद व सुफियान अहमद के नाम आराजी संख्या 440 रकबा 0.571 हेक्टेयर (आम की बाग) को लोन के कागजात पर हस्ताक्षर व गवाही कराने के बहाने धोखा देकर फर्जी बैनामे को अंजाम दे दिया है। इस तरह की बातें पीड़िता ने मुख्यमंत्री से अपनी शिकायत में कही हैं। ध्यान रहे कि अभी कुछ दिनों पहले ही कस्बा सराय निवासी टिल्ठु पुत्र खरपत्तु का खेत गांव के ही सीताराम उर्फ राधे व अन्य ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जुबैर पुत्र मुहम्मद अहमद निवासी आजमगढ़ को 35 लाख रूपये लेकर बेच दिया था। इस मामले में आरोपी अभी भी पुलिस की पकड़ से दूर हैं। यह मामला अभी पूरी तरह से शांत भी नहीं हुआ था कि गांव में एक और फर्जीवाड़े का मामला प्रकाश में आया है। यहां पीड़िता ने अपनी शिकायत में अपने चाचा मसूद अहमद पुत्र अब्दुल हमीद, चाची सलमा खातून और उनके भाई खलील अहमद पुत्र इश्तेयाक अहमद ग्राम शीतलपुर बिलरियागंज को साजिशन, छलकपट व धोखाधड़ी कर फर्जी बैनामा कराने के लिए दोषी बताया है। पीड़िता ने मुख्यमंत्री से अपनी शिकायत में इस फर्जी बैनामे की उच्चस्तरीय जांच कराने एवं बैनामे को निरस्त करने के साथ ही दोषियों के विरूद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है।
