कासिम खलील, बुलढाणा (महाराष्ट्र), NIT;
जिले भर में सरकारी राशन अनाज के 16 गोदाम हैं। इन गोदामों में खामगांव के भारतीय खाद्य निगम के गोदाम से अनाज पहुंचाया जाता है। जिला आपूर्ति अधिकारी के यातायात प्रतिनिधि इस अनाज ढुलाई पर नज़र रखते है और रेकॉर्ड बनाते हैं। इसी रेकॉर्ड के अनुसार अनाज यातायात ठेकेदार को बिल अदा किया जाता है। इस सरकारी अनाज की ढुलाई में गडबडी किये जाने की घटनाएं पिछले दिनों सामने आई हैं जिसे ध्यान में रखते हुए अब इस ढुलाई प्रणाली को और भी मज़बूत बनाने के लिए अनाज ढुलाई के लिए “ऑनलाइन पास” प्रणाली प्रभारी जिलाधीश प्रमोदसिंह दुबे की पहल पर आरंभ की गई है।
खामगांव स्थित भारतीय खाद्य निगम के गोदाम से तहसील स्तरीय गोदामों पर अनाज लेकर जाने वाले वाहन की पूरी जानकारी ऑनलाइन भरी जाएगी जिसके कारण अनाज लेकर जा रहे वाहन की सूचना गोदामपाल से लेकर मंत्रालय स्तर तक आसानी से उपलब्ध रहेगी। इस नई प्रणाली के कारण वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी इसी प्रकार प्र. जिलाधीश श्री दुबे ने सभी गोदाम पालों को पत्र द्वारा निर्देशित किया है कि अनाज की ढुलाई केवल शासन मान्य वाहनों से ही की जाए। अनाज ले जाने वाले वाहनों को हरा रंग दिया हुआ हो और उन वाहनों पर ‘सार्वजनिक वितरण व्यवस्था सुधारित धान्य वितरण प्रणाली महाराष्ट्र शासन’ लिखा हुआ हो। शासन के इस नियम का पालन करने वाले वाहनों से ही अनाज गोदाम में उतारा जाए अन्यथा अनाज ना उतारा जाए। गोदाम पर अनाज उतारने की संपूर्ण प्रक्रिया सीसीटीवी कैमरे के कार्यक्षेत्र में की जाए तथा इसे मोबाइल कैमरे में भी कैद करें। द्वार पहुंच योजना अंतर्गत अनाज राशन दुकानदार को देते समय पंचनामा करें और पंचनामे पर पंचों के हस्ताक्षर लिए जाएं। इन सूचनाओं पर कड़ा अमल करने पर वितरण प्रणाली में पारदर्शिता आने का भरोसा प्रभारी जिलाधिश प्रमोदसिंह दुबे ने किया है।
