अब्दुल वहीद काकर, धुले (महाराष्ट्र), NIT;
शनिवार देर रात आंधी तूफान ने इंसानों के साथ-साथ जानवरों को भी नहीं बख्शा। धुले तहसील क्षेत्र में एक खेत के रखवालदार की पत्नी और तीन बेटियों की टीन शेड पर इमली का पेड़ गिरने से दब कर मौत हो गयी जबकि पति की गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित परिवार मध्यप्रदेश के बडवानी ज़िले कि पानसेमल तहसील क्षेत्र के आदिवासी इलाके का बताया गया है। रविवार की सुबह धुलिया तहसील पुलिस ने आकस्मिक निधन का मामला दर्ज कर पोस्ट मार्टम के बाद शवों को अंतिम संस्कार हेतु एम्बुलेंस से मध्यप्रदेश में पानसमल तहसील के सापखडी पाडा भेज दिया है।
शनिवार देर शाम धुलिया ज़िले समेत तहसील के बालापूर – वरखेडी गांव में मौसम का मिजाज बिगड़ गया। तेज आंधी-तूफान ने जमकर कहर ढाया। वरखेड़ी गाव निवासी किसान प्रभाकर दामू गुजर के खेत की रखवाली करने मजदूर का परिवार खेत स्थित टीन शेड में निवास करता था जिस पर रविवार की बीती रात आंधी बारिश के दौरान टीन शेड के छप्पर पर इमली का पेड़ गिर गया जिसके तले दबकर एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है। इस हादसे में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घयाल हुआ है।
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार धुलिया तहसील के वरखेड़ी गांव में गंगामाई हाईस्कूल के पीछे स्थित प्रभाकर गुजर के खेत में इमली के पेड़ समीप खेत रखवाली करने वाले दादूराम पावरा 32 वर्ष निवासी पानसमल तहसील सापखडी पाडा ज़िला बडवानी, मध्य प्रदेश का परिवार टीन शेड में निवास करता था। तेज आंधी के दौरान आवास परिसर में लगा पुराना इमली का पेड़ गिरने से उसकी चपेट में अनिता दादूराम पावरा पत्नी (28) तथा तीन बेटियां वशिला (5), पिंकी (3), रोशनी (2) की घटना स्थल पर ही मौत हो गई है तथा पति दादूराम पावरा गंभीर रूप से घायल हो गया जिसे घायल अवस्था में हीरे मेडिकल कॉलेज में उपचार हेतु एक निजी वाहन से भर्ती कराया गया है। पेड़ गिरने की आवाज सुनकर जब लोग दौड़े तो पता चला कि पेड़ के नीचे दादूराम पावरा दबा चिल्ला रहा था। पहले स्थानीय लोगों ने उसे खुद निकालने का प्रयास किया। पेड़ बड़ा होने के कारण करीब सवा सौ लोगों ने रस्सी से पेड़ को बांध कर ट्रैक्टर से हटाने का प्रयास किया, तब पावरा परिवार को पेड़ के निचे से निकाला जा सका। तब तक उसकी पत्नी और तीन मासूम बच्चियों की मौत हो चुकी थी। शहर सहित तहसील में साढे सात बजे से बिजली आपूर्ति बंद होने लगातार बारिश होने की वजह से राहत कार्य में बाधा उत्पन्न हुई।
