अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश: इंडिगो कार में पेचकस से की गई थी हत्या  | New India Times

परसराम साहू, देवरी/सागर (मप्र), NIT; ​अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश: इंडिगो कार में पेचकस से की गई थी हत्या  | New India Timesदेवरी पुलिस ने समनापुर के पास एक नाली मैं पत्थरों से ढकी हुई युवक के अंधे हत्याकांड का पर्दाफाश किया है, जिसमें दो आरोपी फरार हैं जबकि तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। जिन्हें आज न्यायालय में पेश किया गया ,जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने मामले में एक इंडिको कार भी बरामद कर ली है।

थाना प्रभारी गिरीश धुर्वे ने हत्याकांड का खुलासा करते हुए बताया कि 14 मई 2018 को पुलिस को सूचना मिली थी कि समनापुर के पास एक नाले में पत्थरों से ढका हुआ शव पड़ा हुआ है। पुलिस ने लाश को बरामद करके पहचान करने का प्रयास किया, जिसकी पहचान धर्मेंद्र पिता हरकाम सिंह निवासी ग्राम खेराना निवासी थाना रहेली उम्र 28 वर्ष के रूप में हुई। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ की तो पता चला कि धर्मेंद्र दांगी 12 मई को अपने दोस्त हल्के आदिवासी ग्राम हप्सीली थाना सुरखी के यहां शादी में शामिल होने गया था जहां से वह बारात में शामिल होकर ग्राम बेड़ार थाना केसली आया हुआ था जहां से वह घर नहीं पहुंचा था। 14 मई को ग्राम समनापुर के पास नाली में पत्थरों से ढके हुए लाश मिलने से सनसनी फैल गई थी। पुलिस ने ग्रामीणों की सूचना पर लाश को लहूलुहान हालत में बरामद किया और सबसे पहले युवक की पहचान धर्मेंद्र दांगी 28 वर्ष के रूप में हुई। इस अंधे हत्या कांड की जांच के लिए एसपी सत्येंद्र शुक्ला ने 3 टीम गठित की। तथा एसडीओपी अजीत सिंह पटेल के निर्देशन में हत्या कांड के खुलासे के लिए मृतक के परिवार एवं शादी से संबंधित लड़की और लड़के से लगातार पूछताछ की। पूछताछ के बाद पुलिस ने हत्याकांड में शामिल आरोपी दिनेश विश्वकर्मा दीपेश विश्वकर्मा अमित दांगी सभी निवासी ग्राम हप्सीली थाना सुरखी को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने पूछताछ के दौरान अपना गुनाह कबूल करते हुए बताया कि शादी समारोह से लौटते वक्त इंडिगो कार क्रमांक MP 09 CG 4456 में आरोपियों से विवाद हो गया और इसी दौरान आरोपियों ने पेचकस से धर्मेंद्र दांगी की हत्या कर समनापुर के पास एक नाले में लाश को ठिकाने लगा दिया और पत्थरों से ढक दिया। इस हत्याकांड में दो और आरोपी शामिल हैं जो अभी फरार बने हुए हैं। टीआई गिरीश दुबे ने बताया कि मृतक और आरोपियों के बीच हत्या की मुख्य कारण पुरानी रंजिश भी है। उन्होंने बताया कि तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। इस हत्याकांड के खुलासे में उप निरीक्षक शैलेंद्र गुर्जर टी एस धुर्वे वंदना सिंह आरक्षक संतकुमार राजेंद्र रावत अनिल तोमर उमाशंकर प्रजापति संजय राम दुर्गेश मीणा सोनू देवेंद्र पांडे की अहम भूमिका रही।

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