शिल्पा शुक्ला, ग्वालियर/डबरा (मप्र), NIT;
डबरा नगर पालिका क्षेत्र के नागरिकों की सुविधा के लिए 11 करोड़ की लागत से नल जल योजना शुरू की गई थी लेकिन यह योजना पूरी तरह से फ्लॉप दिख रही है जिस कारण नगर के नागरिक पानी जैसी मूलभूत सुविधा को लेकर परेशान दिखाई दे रहे हैं।
तत्कालीन नगर पालिका अध्यक्ष को आर्थिक अनियमितता के तहत पद से हटा दिया गया था जिसके बाद नगर पालिका को भाजपा के रूप में बड़े नेतृत्व के साथ आरती मौर्य को नगर पालिका अध्यक्ष पद मिला, इसके बाद से नगरपालिका कि हर विभाग में अनियमितताओं का दौर शुरू हो गया है। साफ-सफाई से लेकर, पानी तक के लिये जनता त्रस्त हो गई है, इसके अलावा कर्मचारियों का वेतन वृद्धि या कर्मचारियों का कलेक्ट्रेट ना लगना अवैध तरीके से बनाई गई दुकानें, नगर के बीचो-बीच बस, जी, कार स्टैंड चलना रोड पर ठेला गुमठिया लगाना ऐसी कई समस्याएं नगर पालिका में सामने आ रही हैं।
इन समस्याओं से छुटकारा मिलना तो दूर की बातअब नगर पालिका में अध्यक्ष और पार्षदों एवं ठेकेदारों के बीच पानी एवं लेनदेन की सहमति ना बनने से वाद विवाद की स्थिति पैदा हो गई है जिससे नगर पालिका अध्यक्ष बैठक छोड़कर भाग खडी हुईं हैं। नगर पालिका की पीआईसी समिति भी भंग कर दी गई है जिसके कारण नगर के सारे विकास कार्यों में अवरोध पैदा हो गया है। आज नगर पालिका में कर्मचारियों ने वेतन ना मिलने, वेतन वृद्धि ना होने जैसी कई अनियमितताओं के चलते नगरपालिका में तालाबंदी कर धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया है। कुल मिलाकर डबरा शहर की जनता पूरी तरह से त्रस्त है।
