इलाज के लिए बैंक से पैसे निकालने गये बुजुर्ग की बैंक के सामने तडप तपड कर हुई मौत, गरीब बुजुर्ग मरीज पर फिर भी बैंक कर्मियों को नहीं आया रहम | New India Times

 वी.के.त्रिवेदी, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT;  

इलाज के लिए बैंक से पैसे निकालने गये बुजुर्ग की बैंक के सामने तडप तपड कर हुई मौत, गरीब बुजुर्ग मरीज पर फिर भी बैंक कर्मियों को नहीं आया रहम | New India Times​उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी जिले में एक बुजुर्ग मरीज खाताधारक बैंक के बाहर घंटों पैसे के इंतजार में अपनी जिंदगी का जंग हार गया फिर भी बेरहम बैंक कर्मियों को जरा तरस नहीं आया। बुजुर्ग की मौत से नाराज स्थानीय लोगों ने बैंक के खिलाफ जमकर हंगामा किया।​इलाज के लिए बैंक से पैसे निकालने गये बुजुर्ग की बैंक के सामने तडप तपड कर हुई मौत, गरीब बुजुर्ग मरीज पर फिर भी बैंक कर्मियों को नहीं आया रहम | New India Timesबैंक में पैसा लेने के लिए गया खाताधारक नीचे तड़पता रहा और बैंक कर्मियों को जरा भी तरस नहीं आया आखिर बेचारा किसान थक हार कर जिंदगी से हार मान गया बैंक कर्मियों की लापरवाही को लेकर इलाके की जनता में काफी नाराजगी है लोगों ने बैंक के आसपास जाम लगा दिया और बैंक कर्मियों की लापरवाही के कारण नारेबाजी करने लगे मौके पर पहुंची पुलिस ने किसी तरह उनको समझा-बुझाकर शव लेकर घर वापस भेज दिया। घटना फरधान थाना क्षेत्र की इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक रुकुंदीपुर की है। 

फरधान थाना क्षेत्र के लकेसर गांव निवासी आमीन पुत्र बचान (67 वर्ष) सोमवार को अपने इलाज के लिए अपने बैंक अकाउंट से ₹1300 निकालने अपने दामाद पप्पू के साथ इलाहाबाद यूपी ग्रामीण बैंक की शाखा मुकुंदी पुर गया था। आमीन बुजुर्गों होने के साथ-साथ एक पैर से विकलांग था और काफी समय से बीमार चल रहा था, जबकि बैंक द्वितीय तल पर है। ऊपर चढ़ने के लिए एक छोटा सा जीना है जिससे होकर एक साथ में एक ही आदमी चढ़ सकता है। यही कारण था कि आमीन का साथी उसको लेकर द्वितीय तल पर स्थित बैंक में नहीं जा सके और उसका बाउचर लेकर बैंक गया और बैंक कर्मचारियों से नीचे चलकर देखने और पैसा निकाल कर देने का आग्रह किया लेकिन किसी भी बैंक कर्मी ने इलाज के लिए तड़प रहे वृद्ध किसान का दर्द समझने की जरूरत नहीं समझी। 12:00 बजे बैंक को गए किसान की पैसे के इंतजार में करीब 2:00 बजे मौत हो गई। मौत होने के बाद वहां मौजूद भीड़ ने सड़क जाम करने का प्रयास किया लेकिन फरधान थाना अध्यक्ष ने किसी तरह ग्रामीणों को समझा-बुझाकर जाम हटवाई मगर इतना सब हो जाने के बावजूद बैंक मैनेजर ने नीचे आकर मृतक किसान को देखने की जरूरत नहीं समझी। पीड़ितों का आरोप है कि बैंक कर्मियों की लापरवाही के कारण उनके पिता की मौत हुई है इसके लिए बैंक कर्मी व मैनेजर दोषी हैं।

हालांकि समाचार लिखे जाने तक पुलिस ने कोई मामला दर्ज नहीं किया था।  मृतक के रिश्तेदार युसूफ अली का कहना है कि उन लोगों ने पुलिस को तहरीर दी है और वह शव का पंचनामा करवा कर बैंक कर्मियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाना चाहते हैं जबकि थाना अध्यक्ष संजय सिंह का कहना है कि अभी तक कोई भी तहरीर नहीं मिली है, अगर तहरीर मिलती है तो शव का पंचनामा भरवाकर पोस्टमार्टम करवाया जाएगा।

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