मकसूद अली, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT;
देश में किसान आत्महत्या की राजधानी बन चुके यवतमाल जिले में मंगलवार को फिर एक किसान ने आत्महत्या कर ली। आत्महत्या करने वाले 50 वर्षीय किसान शंकर भाऊराव चावरे ने 6 पन्नों के लिखे पत्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस कदम के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है। जिले के राजुरवाडी गांव के किसान शंकर ने पहले फांसी लगाकर आत्महत्या का प्रयास किया लेकिन रस्सी टूट गई जिसके बाद उसने जहरीली दवा का सेवन कर मौत को गले लगा लिया।
अपने पत्र में मृत किसान ने विस्तार से अपनी तकलीफों का विवरण दिया है, जिसमें उसने बताया कि आकलन, कम उत्पादन, उत्पादन को उचित भाव न मिलने की वजह से वह लगातार निराशा के दौर से गुजर रहा है। कर्ज से त्रस्त होकर आत्महत्या किये जाने की बात पत्र में कहते हुए उसने इसके लिए मोदी सरकार को ज़िम्मेदार ठहराया है। शंकर चावरे के पास 6 एकड़ खेती थी। पत्नी, तीन लड़कियों के साथ एक लड़के की जिम्मेदारी शंकर पर थी।
शंकर द्वारा लिखे गए भावनात्मक पत्र में उसने परिवार को प्यार से रहने की सलाह देते हुए बेटे पर ध्यान देने की बात कही है। शंकर की आत्महत्या के बाद राजुरवाडी गांव के निवासी गुस्से में हैं उन्होंने मुख्यमंत्री के न आने तक शव का अंतिम संस्कार नहीं करने की धमकी दी है। दूसरी तरफ शंकर की बड़ी पुत्री 21 वर्षीय जयश्री शंकर चावरे ने जिले के घाटंगी पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज कराया है जिसमें सरकार को जिम्मेदार ठहराया गया है।
परिजनों व ग्रामीणों ने सीएम से मुलाकात न होने तक शव लेने से किया इंकार
यवतमाल की घाटंजी तहसील के राजुरवाडी गांव के आत्महत्या करने वाले 50 वर्षीय किसान शंकर भाऊराव चावरे का शव अभी भी सरकारी अस्पताल के पोस्टमार्टम रूम में ही रखा हुआ है। मृत किसान के परिजन और गांव के लोग सीएम के न आने तक शव न लेने पर अड़े हुए हैं। बुधवार को मृत किसान के परिवार से मिलने पहुंचे किसान नेता और यशवंतराव चव्हाण किसान स्वावलंबन मिशन के अध्यक्ष किशोर तिवारी को भी गांव के लोगों की नाराजगी का सामना करना पड़ा।
इस मुलाकात के दौरान जिले की अतिरिक्त जिलाधिकारी भुवनेश्वरी, पंचायत समिति सभापति कालंदी आत्राम, जिला परिषद सदस्य सरिता जाधव के साथ अन्य सरकारी अधिकारी मौजूद थे। चावरे के परिवार से मिलने पहुंचे लोगों ने उन्हें सरकार की तरफ से हर संभव मदद दिलाने का आश्वासन दिया इसके बावजूद गांव के लोग और किसान के परिजन अपनी मांग पर अड़े हुए हैं।
किसान नेता तिवारी ने बताया की गांव के लोगों का गुस्सा उनपर भी फ़ूट पड़ा, वो किसी की भी बात सुनने की स्थिति में नहीं हैं। उनके द्वारा मृत किसान के परिजन की मांग को मुख्यमंत्री तक पहुंचाये जाने की जानकारी तिवारी ने दी। इस मुलाकात के दौरान शंकर चावरे की पत्नी ने घर के आर्थिक हालत की जानकारी देते हुए अपनी तकलीफें बयां की। ग्रामीणों ने तिवारी को घेरकर अपना गुस्सा उतारा। ग्रामीणों ने तिवारी को बताया कि राज्य सरकार द्वारा की कई कर्जमाफी में 350 में से सिर्फ 52 किसानों को ही लाभ मिला है।
बहरहाल ग्रामीण सीएम से मिलने की मांग पर अड़े हुए हैं। वैसे आज गुरुवार को मुख्यमंत्री का जिले में सरकारी दौरा भी है। संभावना है कि वह इस दौरान पीड़ित परिवार से मिलेंगे है। वैसे तिवारी ने बताया की इस मुलाकात को लेकर वो प्रयास करेंगे।
