दिल्ली पुलिस व लाडली फाउंडेशन ने संयुक्त प्रयास से शुरू की 'सहेली' नाम से अनूठा कार्यक्रम | New India Times

Edited by Uves Siddiqui, New Delhi, NIT; 

दिल्ली पुलिस व लाडली फाउंडेशन ने संयुक्त प्रयास से शुरू की 'सहेली' नाम से अनूठा कार्यक्रम | New India Times​विगत रविवार को लाडली फाउंडेशन एवं दिल्ली पुलिस ने एक अनूठी पहल करते हुए वसंत कुंज स्थित रंग पुरी पहाड़ी बस्ती में रह रही कम उम्र की 1200 से अधिक अनपढ़ लड़कियों व महिलाओं के स्वास्थ्य व रक्त जांच  सहित उन्हें  यौन शोषण, यौन संक्रमण व निजी स्वच्छता के प्रति जागरूक करके “सहेली” नाम से एक अनूठे कार्यक्रम की शुरुआत की।

मलिन बस्तियों में रह रही अशिक्षित बेटियों के साथ उनके परिचितों द्वारा किये जाने वाले अपराधों के लिए आवाज उठाने व किसी भी प्रकार के  यौन उत्पीडन से उन्हें बचाने के लिए मुफ्त स्वास्थ्य जांच शिविर द्वारा दिल्ली पुलिस व लाडली फाउंडेशन ने इस संयुक्त प्रयास के माध्यम से विशाल अभियान चलाने की पहल की है, जिसके तहत सबसे पहले दक्षिणी –पश्चिमी जिला पुलिस उपायुक्त श्री मिलिंद डूम्बरे के साथ मिलकर इसे आयोजित किया गया।

अक्सर  इन बस्तियों में रह रही बेटियां एवं महिलाएं शोषण व अत्याचारों का शिकार होती हैं। अशिक्षा व गरीबी में पले बड़े होने के कारन उन्हें उनके साथ होने वाले इन अपराधो के प्रति जागरूकता भी नहीं होती , और न ही वे इन अपराधों के खिलाफ आवाज उठा पाती हैं,  जिसके कारण उनमें से अधिकतर ऐसे अपराधों को सहन करने की आदी हो जाती हैं  व निजी स्वच्छता व यौन संक्रमण के बारे में जानकारी न होने की वजह से कई जानलेवा बीमारियों का शिकार भी हो जाती हैं।​दिल्ली पुलिस व लाडली फाउंडेशन ने संयुक्त प्रयास से शुरू की 'सहेली' नाम से अनूठा कार्यक्रम | New India Timesइस विषय पर वर्षो से कार्य कर रहे राष्ट्रीय पुरूस्कार विजेता व लाडली फाउंडेशन के संस्थापक श्री देवेन्द्र कुमार गुप्ता द्वारा इस कार्यक्रम की शुरुआत की गई। उन्होंने बताया की जो बेटियां स्कूल पढने जाती है उन्हें तो सरकार की और से अच्छे व बुरे स्पर्श के बारे में प्रशिक्षण दिया जाता है, लेकिन दूसरी और जो बेटियां कभी स्कूल गई ही नहीं और अभी भी नहीं जाती हैं उन्हें इस बारे में बताने वाला कौन है?  इस विषय की जानकारी न होने के कारण कितने प्रकार के संक्रमणों से वो ग्रसित हो जाती हैं ,उन्हें बचाने वाला कौन है?  इनमें से न जाने कितनी महिलाएं व कम उम्र की बेटियां अपने साथ हो रहे शोषण को सह रही हैं व गरीबी और अशिक्षा के कारण आवाज नहीं उठा पाती हैं। इनके बीच जाकर इनकी सुध लेने व इन्हें जागरूक करने की बहुत अव्यश्कता है। उन्होंने इस कार्यक्रम की शुरुआत करने के लिए दिल्ली पुलिस व ओएनजीसी द्वारा दिए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

कार्यक्रम में मौजूद दक्षिणी पश्चिमी जिले की अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त श्री मति मोनिका भारद्वाज ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि छोटी बस्तियों में अशिक्षित बेटियों के साथ होने वाले अपराधों को शुरुआत में रोकने के लिए ये प्रयास मील का पत्थर साबित होगा व ओएनजीसी की और से विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद श्री मनोज भर्तवाल द्वारा इस प्रयास की प्रसंशा करते हुए आने वाले समय में ऐसे और अधिक शिविर लगाने के लिए  सहयोग करने का भरोसा दिया I

कार्यक्रम में अस्मिता थियेटर ग्रुप द्वारा भी बेटियों को जागरूक करने के लिए कई सारे नाटकों द्वारा जागरूक किया गया व इस मौके पर महामहिम राष्ट्रपति जी के निजी चिकित्सक डा. वली सहित  मिस भारत आइकॉन दीपिका  व मिसेज वर्ड सह विजेता प्रिया गिलबिले ने सभी बेटियों से मिलकर उन्हें अपने जीवन में कुछ बड़ा बनने के लिए प्रेरित किया I

कार्यक्रम को सुचारू रूप से आयोजित करने के लिए दिल्ली पुलिस के क्षेत्रीय सहायक पुलिस आयुक्त श्री के पी कुकरेती व संयोजक भारतभूषण व मुख्य समन्यवक तान्या चड्डा व ज्योति शर्मा  द्वारा विशेष भूमिका निभाई गई।

कार्यक्रम में वरिष्ठ समाजसेवी श्री सत्य भूषण जैन, राजीव मित्तल , क्षेत्रीय थानाध्यक्ष संजय शर्मा , राजबीर सिंह ,डाक्टर संजय गुप्ता , डा. गरिमा गुप्ता , डा. अशोक त्यागी  आशीष बंसल , दिनेश कुमारी , चौधरी धर्मपाल , रविन्द्र बजाज , ब्रह्म प्रकाश  , चंद्रपाल बैरवा , एम्स के डॉक्टर रत्ना व डाक्टर राजीव  मिथलेश कुमारी , पंकज जैन , सिद्धार्थ जालान, दर्पण चौधरी , संजीव सेजवाल , दीपांशु गुप्ता, अरुण यादव , राजकुमार गोठवाल, भानु बैरवा, कामिनी, हरिशंकर, अजय पाण्डेय , सरबजीत कौर , सागर सहित सभी उप संयोजक व समन्वयकों ने सहयोग दिया।

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