सैय्यद मुजीबुद्दीन, पुसद-यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT;
यवतमाल जिले के झरी तहसील में गर्मी के दिनों में ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या पैदा हो सकती है। कई गांव के हैंडपंप इन दिनों खराब पड़े हुए हैं। इस कारण ग्रामीणों को कुओं का सहारा लेना पड़ रहा है। स्थिति यह है कि गंदगी से लपटे होने के कारण कुओं का पानी भी दूषित हो गया है। ग्रामीणों ने हैंडपंप के मरम्मत करने और कुओं की सफाई करने को गट विकास अधिकारियों से गुहार लगाई है। जिलाधिकारी द्वारा पर्यावरण का संतुलन और पानी की किल्लत ना हो इसलिए मांगली के अलावा किसी भी रेती के घाटों की निलामी नहीं कि गई फिर भी धड्डले से हर घाट से रेत की तस्करी हो रही है, इस पर भी राजस्व विभाग द्वारा रोक लगाना जरुरी है, जिसके चलते काफी हद तक पानी के किल्लत से राहत मिल सकती है।
ग्रामविकास अधीकारी विजय उईके के मार्गदर्शन में दाभाडी कस्बे के ग्रामवासियों ने स्वयं कुएं की साफ सफाई का बीड़ा उठाया है। ग्रामवासियों द्वारा कुएं में श्रमदान कर गांव में पानी के टंकी तक पाईप लाईन बिछाई गई है और श्रमदान कर खुद से कुएं की सफाई की है।
कुओं की साफ-सफाई कराने की मांग
झरी तहसील में अनेक कुएं जर्जर एवं गंदे हो जाने के चलते लोगों को परेशानी हो रही है। गर्मी में यह कुएं लोगों को काफी राहत पहुंचा सकते है, लेकिन गंदगी के कारण लोग इन कुओं के पानी का उपयोग बाहर के लिये और पीने में नहीं कर पा रहे हैं। कई सालों से कई कुओं की मरम्मत नहीं हुई है। समय गुजरने के साथ कुएं में मलबा और गंदापन बढता गया है। समय गुजरने के साथ कुएं गंदे होते गये हैं। कई गांव के कुओं की सफाई नहीं की गई है। कई गांव के हैंडपंप इन दिनों खराब पड़े हुए हैं, इस कारण ग्रामीणों को कुओं का सहारा लेना पड़ रहा है। जहां पानी कि किल्लत पड सकती है वहाँ पंचायत प्रशासन द्वारा बोरवेल मारकर काफी हद तक पानी के किल्लत से राहत मिल सकती है। जिसके चलते ग्रामवासियों ने सरकार से गुहार लगाई है के झरी तहसील के हद में आने वाले कुओं कि साफ-सफाई और अतराफ़ में सरकार द्वारे बोरवेल मारने की मांग की है।
