पटना में राजभाषा सम्‍मेलन एवं पुरस्‍कार वितरण समारोह हुआ संपन्‍न, केंद्र सरकार के कार्यालयों, बैंकों एवं उपक्रमों को विभिन्‍न श्रेणियों के अंतर्गत राजभाषा में उत्‍कृष्‍ट कार्य के लिए मिला पुरस्‍कार | New India Times

अतिश दीपंकर, पटना, (बिहार), NIT; ​पटना में राजभाषा सम्‍मेलन एवं पुरस्‍कार वितरण समारोह हुआ संपन्‍न, केंद्र सरकार के कार्यालयों, बैंकों एवं उपक्रमों को विभिन्‍न श्रेणियों के अंतर्गत राजभाषा में उत्‍कृष्‍ट कार्य के लिए मिला पुरस्‍कार | New India Timesराजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा दिनांक 10 मार्च, 2018 को ज्ञान भवन सभागार, गांधी मैदान, पटना में पूर्व एवं पूर्वोत्‍तर क्षेत्रों में स्थित केंद्र सरकार के कार्यालयों, बैंकों एवं उपक्रमों इत्‍यादि के लिए संयुक्‍त क्षेत्रीय राजभाषा सम्‍मेलन एवं पुरस्‍कार वितरण समारोह का आयोजन किया गया। सम्‍मेलन में माननीय केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री श्री किरेन रीजीजू मुख्‍य अतिथि के रूप में मौजूद रहे तथा उनके कर-कमलों से केंद्र सरकार के कार्यालयों, बैंकों एवं उपक्रमों को विभिन्‍न श्रेणियों के अंतर्गत राजभाषा में उत्‍कृष्‍ट कार्य करने हेतु पुरस्‍कार प्रदान किए गए। इस मौके पर राजभाषा विभाग के सचिव श्री प्रभास कुमार झा, बिहार सरकार के मंत्रिमंडल सचिव श्री बृजेश मेहरोत्रा, संयुक्‍त सचिव डॉ. बिपिन बिहारी सहित केंद्र सरकार के विभिन्‍न मंत्रालयों/उपक्रमों आदि के अधिकारी व कार्मिकों ने भाग लिया।

इस मौके पर बोलते हुए मुख्‍य अतिथि माननीय केंद्रीय गृह राज्‍य मंत्री श्री किरेन रीजीजू ने कहा कि संविधान ने हम सब पर राजभाषा हिंदी के विकास और प्रयोग-प्रसार का दायित्‍व सौंपा है और राजभाषा होने के कारण हमारा कर्तव्‍य है कि हम ज्‍यादा से ज्‍यादा कार्य हिंदी में करें। उनका कहना था कि भाषा किसी भी समाज और देश की आत्‍मा होती है तथा भाषा में बहुत ताकत होती है। उन्‍होंने कहा कि दूसरी भाषाएं सीखनी चाहिए किंतु इसके चक्‍कर में अपनी मातृभाषा, अपनी राजभाषा को भूल जाना कहां तक तर्कसंगत होगा। उनका यह भी कहना था कि भारत की आजादी के आंदोलन में हिंदी भाषा की अत्‍यंत महत्‍वपूर्ण भूमिका रही है जिसे हमें आगे बढाते हुए विभिन्‍नता में एकता के लिए कार्य करना होगा। श्री किरेन रीजीजू ने कहा कि हमें मिलकर लोगों को यह संदेश देना होगा कि हमारी राजभाषा हिंदी सर्वश्रेष्‍ठ है और यह कार्य सामूहिक सहयोग तथा नैतिक उत्तरदायित्व की भावना से ही संभव है । स्वैच्छिक प्रयोग से भाषा की व्यापकता में वृद्धि होती है, भाषा समृद्ध होती है और उसका स्‍वरूप निखरता है। हमारे लिए यह समझना जरूरी है कि देश की जनता की सामाजिक, आर्थिक एवं सांस्‍कृतिक सभी प्रकार की अपेक्षाओं को पूरा करने वाली योजनाओं व कार्यक्रमों को आखिरी व्यक्ति तक पहुंचाना सरकारी तंत्र का अति महत्‍वपूर्ण कर्तव्‍य है और उसकी सफलता की कसौटी भी । उन्‍होंने कहा कि सरकार की कल्‍याणकारी योजनाएं तभी प्रभावी मानी जाएंगी जब जनता और सरकार के बीच निरंतर संवाद, संपर्क और पारदर्शिता बनी रहे और सरकार की योजनाओं का लाभ देश के सभी नागरिकों को समान रूप से मिले । हमारा लोकतंत्र तभी फल-फूल सकता है जब हम जन-जन तक उनके हित की बात उनकी ही भाषा में पहुंचाएं I ​पटना में राजभाषा सम्‍मेलन एवं पुरस्‍कार वितरण समारोह हुआ संपन्‍न, केंद्र सरकार के कार्यालयों, बैंकों एवं उपक्रमों को विभिन्‍न श्रेणियों के अंतर्गत राजभाषा में उत्‍कृष्‍ट कार्य के लिए मिला पुरस्‍कार | New India Timesकार्यक्रम में अपने विचार व्‍यक्‍त करते हुए बिहार सरकार में मंत्रिमंडल सचिव श्री ब्रजेश मेहरोत्रा ने कहा कि राष्‍ट्र के एकीकरण के लिए सर्वमान्‍य भाषा से प्रभावशाली और बलशाली तत्‍व और कोई नहीं है । संविधान के अनुच्‍छेद 351 के अनुसरण में क्षेत्रीय भाषाओं के प्रचलित एवं लोकप्रिय शब्‍दों को ग्रहण करके हिंदी के शब्‍द भंडार को निरंतर समृद्ध करने की आवश्‍यकता है । उनका कहना था कि हमारे लोकतंत्र को निरंतर प्रगतिशील और अधिक मजबूत बनाने के लिए हमें संघ के काम-काज में हिंदी का और राज्‍यों के कामकाज में उनकी प्रांतीय भाषाओं का प्रयोग बढ़ाना होगा । इसके लिए यह आवश्यक है कि सरकारी काम-काज में हम हिंदी को अनुवाद की भाषा न बनाए, बल्कि मूल कार्य हिंदी में ही कर के इसे जनभाषा बनाएँI इससे एक ओर अनुवाद का बोझ कम होगा, दूसरी ओर अनुवाद आश्रित बनावटी एवं कठिन हिंदी से भी मुक्ति मिलेगी Iराजभाषा हिंदी और लोकभाषा हिंदी के बीच की दूरी को पाटने का यही सबसे प्रभावी मार्ग हैI श्री ब्रजेश का कहना था कि हिंदी एक अत्यंत समृद्ध एवं सशक्त भाषा है और भारत की सांस्कृतिक एकता की कड़ी है I भारत के कोने-कोने में इसे बोलने और समझने वालों की संख्या बहुत अधिक है, चाहे दक्षिण या पश्चिम भारत के लोग हों या सुदूर पूर्वोत्तर के लोग, हिंदी ने सभी को एक सूत्र में बांधा हुआ है, यह निर्विवाद सत्य है I उन्‍होंने निज भाषा के माध्यम से अपनी समृद्ध सांस्कृतिक और बौद्धिक परंपरा के साथ आधुनिक ज्ञान को मिला कर सफलता के नए आयाम स्थापित करने पर बल दिया I

    कार्यक्रम में अपने संबोधन में सचिव राजभाषा श्री प्रभास कुमार झा का कहना था कि राजभाषा विभाग की मुख्य नीति प्रेरणा तथा प्रोत्‍साहन की है तथा राजभाषा विभाग हिंदी व उससे संबंधित संसाधनों के विकास,प्रयोग तथा प्रचार – प्रसार की दिशा में निरंतर प्रयास कर रहा है। श्री प्रभास कुमार झा ने बताया कि विगत कुछ समय से हिंदी के अनेक ई–टूल्स विकसित किए गए हैं, जिनसे कम्प्यूटर और प्रौद्योगिकी में हिंदी का प्रयोग सरल और व्यापक हुआ है जिनमें स्‍मृति आधारित अनुवाद टूल शिक्षा के क्षेत्र में प्रभावशाली कदम होगा। श्री झा ने कहा कि हिंदी बाजार की सशक्‍त भाषा बन चुकी है इसलिए हिंदी के कंटेंट को मजबूत करना समय की आवश्‍यकता है जिसपर भी राजभाषा विभाग कार्य कर रहा है। लीला मोबाइल एप तथा कोर बैंकिंग सोल्‍यूशन जैसे आधुनिक तकनीकी माध्‍यम शीघ्र ही हिंदी कार्यान्‍वयन की कडी में महत्‍वपूर्ण भूमिका का निर्वहन करेंगे। उनका कहना था कि यह हमारा सामूहिक उत्तरदायित्व है कि हम इन सुविधाओं के प्रति जागरूक बनें और अपने सरकारी और गैर-सरकारी कामकाज में हिंदी का प्रयोग करें । 

इससे पूर्व अपने स्‍वागत संबोधन में राजभाषा विभाग के संयुक्‍त सचिव डॉ. बिपिन बिहारी ने कहा कि देश के अलग-अलग क्षेत्रों में आयोजित किए जाने वाले इन सम्मेलनों एवं समारोहों की महत्वपूर्ण भूमिका है I इन सम्मेलनों का उद्देश्‍य राजभाषा नीति के कार्यान्वयन में आ रही समस्याओं का समाधान ढूँढना और इस दिशा में उत्कृष्ट कार्य करने वाले कार्यालयों एवं कार्मिकों को पुरस्कृत कर उन्हें प्रोत्साहित करना है Iउनका कहना था कि क्षेत्रीय राजभाषा सम्मेलनों के आयोजन से, राजभाषा से जुड़े विषयों पर विस्तृत विचार-विमर्श हेतु एक सशक्त मंच उपलब्ध होता है तथा सरकारी कामकाज में राजभाषा हिंदी के प्रयोग को प्रोत्साहन मिलता है I उन्‍होंने बताया कि सूचना प्रौद्योगिकी के वर्तमान युग के साथ सामंजस्य बिठाते हुए राजभाषा विभाग द्वारा सूचना प्रबंधन प्रणाली के माध्यम से सभी नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों की रिपोर्टें विभाग को ऑनलाइन प्रेषित करने की सुविधा शुरू की गई है I इसके लिए सभी नराकासों को यूज़र आई डी और पासवर्ड उपलब्ध कराए गए हैं । अब सभी नराकास,वेबसाइट पर लॉग-इन करके बैठकों की कार्यसूची, कार्यवृत्त आदि सभी संगत सूचनाएं राजभाषा विभाग को ऑनलाइन भेज रही हैं । राजभाषा विभाग, गृह मंत्रालय भारत सरकार के निदेशक श्री संदीप आर्य ने कार्यक्रम में आए सभी अतिथियों का आभार व्‍यक्‍त किया।​पटना में राजभाषा सम्‍मेलन एवं पुरस्‍कार वितरण समारोह हुआ संपन्‍न, केंद्र सरकार के कार्यालयों, बैंकों एवं उपक्रमों को विभिन्‍न श्रेणियों के अंतर्गत राजभाषा में उत्‍कृष्‍ट कार्य के लिए मिला पुरस्‍कार | New India Times

इन्‍हें मिला पुरस्‍कार 

पूर्व क्षेत्र के अंतर्गत ‘क’ क्षेत्र में 11-50 तक स्टाफ संख्या वाले कार्यालयों में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन, क्षेत्रीय कार्यालय,भागलपुर को प्रथम, राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण कार्यालय (क्षे.सं.प्र.), पोर्ट ब्लेयर को द्वितीय तथा भारतीय रिजर्व बैंक, क्षेत्रीय कार्यालय,रांची को तृतीय स्‍थान प्राप्‍त हुआ। 50 से अधिक स्टाफ संख्या वाले कार्यालयों के अंतर्गत भारतीय रिजर्व बैंक, क्षेत्रीय कार्यालय, पटना ने प्रथम, ताप विद्युत केन्द्र,दामोदर घाटी निगम, बोकारो द्वितीय तथा आकाशवाणी, पटना ने तृतीय स्‍थान प्राप्‍त किया। उपक्रमों की श्रेणी में हिन्‍दुस्‍तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, क्षेत्रीय कार्यालय, पटना को प्रथम सेल, बोकारो इस्पात संयंत्र, बोकारो को द्वितीय तथा भारतीय खाद्य निगम, क्षेत्रीय कार्यालय,पटना को तृतीय स्‍थान मिला। बैंकों में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, अंचल कार्यालय, पटनाप्रथम यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय,  पटना द्वितीय तथा बैंक ऑफ बड़ौदा, अंचल कार्यालय, पटना तृतीय स्‍थान पर रहे वहीं नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति धनबाद(कार्यालय) को प्रथम,मुजफ्फरपुर (कार्यालय) को द्वितीय एवं पटना(बैंक) को तृतीय स्‍थान प्राप्‍त हुआ। उत्‍कृष्‍ट कार्यान्‍वयन की श्रेणी में ‘ग’ क्षेत्र में 11-50 तक स्टाफ संख्या वाले कार्यालयों में केंद्रीय रेशम बोर्ड, क्षेत्रीय कार्यालय,भुवनेश्वर प्रथम केंद्रीय विद्यालय, हासीमारा द्वितीय तथा केंद्रीय विद्यालय संख्या-2,बिन्नागुड़ी छावनी तृतीय स्‍थान पर रहे। 50 से अधिक स्टाफ संख्या वाले कार्यालयों के अंतर्गत केंद्रीय विद्यालय नं-1 सम्बलपुर प्रथम केन्द्रीय रेशम उत्पादन अनुसंधान एवं प्रशिक्षण संस्थान, बहरमपुर द्वितीय तथा पुलिस उपमहानिरीक्षक का कार्यालय, ग्रुप केन्द्र, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, सिलिगुड़ी तृतीय स्‍थान प्राप्‍त करने में सफल रहे। उपक्रमों की श्रेणी में हिन्‍दुस्‍तान पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड, कोलकाता को प्रथम भारत पेट्रोलियम कार्पोरेशन लिमिटेड,क्षेत्रीय कार्यालय, कोलकाता को द्वितीय तथा ईसीजीसी लिमिटेड, कोलकाता को तृतीय पुरस्‍कार प्राप्‍त हुआ। बैंकों के अंतर्गत भारतीय स्टेट बैंक, स्थानीय प्रधान कार्यालय, भुवनेश्वर प्रथम यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय, सम्बलपुर द्वितीय तथा सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया, अंचल कार्यालय, कोलकाता तृतीय स्‍थान पर रहे। नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों मेंकोलकाता(बैंक) को प्रथम बर्नपुर (कार्यालय) को द्वितीय व दुर्गापुर(कार्यालय) को तृतीय स्‍थान प्राप्‍त हुआ। पूर्वोत्तर क्षेत्र के लिए ‘ग’क्षेत्र में 10 से 50 तक स्टाफ संख्या वाले कार्यालयों में उत्तर पूर्वी अंतरिक्ष उपयोग केंन्द्र, उमियम प्रथम, कमांडेंट कार्यालय, 124 बटालियन, के.रि.पु.बल, अगरतला द्वितीय स्‍थान पर रहे। 50 से अधिक स्टाफ संख्या वाले कार्यालयों के अंतर्गत पुलिस उपमहानिरीक्षक कार्यालय, ग्रुप केंद्र, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, अगरतला को प्रथम पुलिस उपमहानिरीक्षक कार्यालय, ग्रुप केंद्र,केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल, इम्फाल को द्वितीय तथा भारतीय रिजर्व बैंक, क्षेत्रीय कार्यालय, गुवाहाटी को तृतीय स्‍थान प्राप्‍त हुआ।  उपक्रमों की श्रेणी में ऑयल इंडिया लिमिटेड, नारंगी, गुवाहाटी को प्रथम, आईओसीएल (ए ओ डी), डिगबोई रिफाइनरी, डिगबोई को द्वितीय एवं एनएचपीसी लिमिटेड-तिस्ता-V पॉवर स्टेशन,  पूर्वी सिक्किम को तृतीय स्‍थान प्राप्‍त हुआ। बैंक ऑफ बड़ौदा, क्षेत्रीय कार्यालय, गुवाहाटी प्रथम, पंजाब नैशनल बैंक, अंचल कार्यालय, गुवाहाटी द्वितीय तथा राष्‍ट्रीय कृषि और ग्रामीण विकास बैंक,क्षेत्रीय कार्यालय, गांतोक बैंकों की श्रेणी में तृतीय स्‍थान पर रहे। गुवाहाटी(बैंक) ने नगर राजभाषा कार्यान्वयन समितियों की श्रेणी मेंप्रथम, गुवाहाटी(उपक्रम) द्वितीय रंगिया(कार्यालय) तृतीय स्‍थान प्राप्‍त करने में सफल हुए।

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