शेरा मिश्रा/अविनाश द्विवेदी, कटनी (मप्र), NIT;
कैमोर थाना अंतर्गत ग्राम बडारी मे मूलभूत सुविधाओं को लेकर आज गांव की सैंकडों महिला व पुरुषों ने एसीसी सीमेंट प्लांट का विरोध जताते हुए सडक पर उतर गए।
ग्राम वासियों ने एसीसी पर आरोप लगाते हुए प्लांट हैड के नाम एक पत्र भी दिया है जिसमें साफ तौर पर बताया गया है कि एसीसी कन्वेयर बेल्ट के प्रदूषण की बजह बच्चों को गम्भीर बीमारियां होती हैं। ग्राम के लोगों ने यह भी बताया की बडारी ग्राम को एसीसी ने गोद ले रखा है फिर भी कोई सुविधा नहीं दी जाती है। एसीसी कन्वेयर बेल्ट लगाते समय ग्रामीणों को आश्वासन दिया गया था जिसमें स्वास्थ्य शिक्षा के साथ मूलभूत सुविधाएं देने की बात कही गई थी। किन्तु ग्राम बडारी के लोगों को किसी भी तरह की सुविधा मुहैया नहीं कराई जा रही। वही एसीसी अपनी तानाशाही रवैया अपना कर ग्रामीणों को प्रताड़ित करती रहती है।

क्यों ग्रामीण रोड पर आने पर हुए विवश
अपनी समस्याओं के लिए ग्रामीणों ने अधिकारियों तथा जन प्रतिनिधियों का सहारा नहीं पाया तो ग्राम वासियों ने मजबूरन अपने हक की लड़ाई लडने के लिए रोड पर आकर खडे हुए। ग्रामीणों का कहना है कि जन प्रतिनिधियों ने एसीसी की गुलामी की बेडीया पहन रखी है। जिसकी बजह से गरीबों की समस्या एसीसी मैनेजमेंट नहीं सुन रहा है।
*प्लांट हैड और एचआर होगे जवाबदार*
एसीसी मैनेजमेंट को दिए गए पत्र मे ग्रामीणों ने साफ चेतावनी दी है।
विरोध प्रदर्शन के दौरान होने वाले नुकसान की जवाबदारी प्लांट हैड व एचआर की होगी मांगों की समय सीमा तीन दिन की रखी गई है।
प्लांट ने पानी के टैंकर दिए
आक्रोशित ग्रामीणों को शांत कराने की कवायद मे एसीसी मैनेजमेंट ने तुरंत पानी के टैंकर देने की घोषणा की किन्तु ग्रामीण पाइप लाइन की बात पर पानी के टैंकर का भी विरोध करते रहे, हालांकि समय सीमा को ध्यान में रखते हुए मामला 100 डायल पर पहुंचा। पुलिस ने रफा-दफा करा दिया अगर मागे पुरी नही हुई तो ग्रामीण चकाजाम के साथ साथ एसडीएम कार्यालय का घेराव व एसीसी का कन्वेयर बेल्ट रोकने जैसे कृत करने की तैयारी में है। जिला प्रशासन को बडारी की समस्याओं को गम्भीरता से लेना चाहिए। आक्रोशित जनता की बली न चढ जाए प्लांट इसलिए समय पर मागो को पूरा कर शांति व्यवस्था कायम करनी चाहिए।
