झांसी के मेवतीपुरा स्थित हुसैनी इमाम बारगाह इमाम बाड़ा सादिक़ अली मरहूम में मजालिसे अज़ा सम्प्पन, देश के प्रसिद्ध वक्ताओं ने की शिरकत | New India Times

अरशद आब्दी, झांसी (यूपी), NIT;

झाँसी नगर में बीबी फ़ातिमा सलवतुल्लाह अलैह की शहादत पर एक संघोषटी का आयोजन किया गया। अहलेबैत आले रसूल की एक लौती बेटी बीबी फ़ातिमा की शहादत पर स्थानीय मेवतीपुरा स्थित हुसैनी इमाम बारगाह इमाम बाड़ा सादिक़ अली मरहूम में मजालिसे अज़ा सम्प्पन हुई, जिसमें हिन्दुस्तान के मशहूर व मारूफ़ मुज़फ़्फ़र नगर से आए आली जानाब मौलाना वसी असग़र पाशा ने बीबी फ़ातिमा पर किए गए ज़ुल्मों की पुरदर्द दास्तां बयान की, जिसको सुनकर हर इंसान की आँखों से आंसू छलक उठे।

झांसी के मेवतीपुरा स्थित हुसैनी इमाम बारगाह इमाम बाड़ा सादिक़ अली मरहूम में मजालिसे अज़ा सम्प्पन, देश के प्रसिद्ध वक्ताओं ने की शिरकत | New India Times

वही मजलिस का आग़ाज़ ज़ाहिद हुसैन इंतेज़ार सहाब ने तिलावते कलाम ए पाक से की एवं मर्सिया खुआनी आली जानाब आबिद रज़ा हाशिम ने की। पेश खुआनी बलरामपुर से आए जानाब काज़मी सहाब ने की एवं शहादते बीबी फ़ातिमा को मजलिस में आये लोगों ने अपने अश्कों का पुरसा दिया।

झांसी के मेवतीपुरा स्थित हुसैनी इमाम बारगाह इमाम बाड़ा सादिक़ अली मरहूम में मजालिसे अज़ा सम्प्पन, देश के प्रसिद्ध वक्ताओं ने की शिरकत | New India Times

वहीं बाद मजालिस नौहा खुआनी शहडोल से आए मुनव्वर अली ईरानी सहाब ने की। इस बीबी फ़ातिमा की शहादत पर अंजुमने अब्बासिया एवं अंजुमने अकबरिया अंजुमने सदाए हुसैनी के मातम दारों ने जंजीर ज़नी करके बीबी फ़ातिमा अ०स०को पुरसा दिया जिसमें मौजूद हाजी अली नवाब साहब, हाजी सज्जाद अली कैप्टन साहब, शाकिर अली साहब, सलीस साहब, शाहिद साहब, ज़ुल्फ़िकार साहब, फ़िरोज़ साहब, क़मर साहब, सग़ीर साहब, ज़ामिन साहब, फ़ुरकान हैदर साहब, अता साहब, डॉक्टर शुजा हैदर जाफ़री सीतापुरी, सुख़नवर अली साहब, नादिर अली साहब, वासिफ साहब, अस्कर साहब, राजू आब्दी, क़मर आब्दी, आरिफ़ रज़ा आब्दी, ज़ाहिद रज़ा आब्दी, इरशाद रज़ा आब्दी, इशरत आब्दी, शहज़ादे आब्दी, अतहर अब्बास, नदीम ज़ैदी, शाहूर मेंहदी, हुज़ूर मेहंदी, मुजाहिद हुसैन, नईम साहब, मनाज़िर साहब, जुगनू साहब, बादशाह साहब, मुसर्रत साहब, काशिफ़ साहब, फरमान साहब, समर आब्दी, फज़ले अली, अली हैदर, अकील हैदर, आसिफ़ हैदर इत्यादि मौजूद रहे। वहीं बाद मजालिस नज़रे ईमाम का भी एहतिमाम किया गया, जिसके संयोजक इश्तियाक़ हुसैन (उर्फ चंदु साहब) एवं सरफ़राज़ हुसैन साहब ने आने वालों का आभार वियक्त किया।

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