मध्य प्रदेश के खंडवा में आर्थिक तंगी से जूझती पांच बच्चों संग आत्महत्या का मन बना बैठी विधवा की शहर के समाजसेवियों ने की मदद | New India Times

अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT; ​मध्य प्रदेश के खंडवा में आर्थिक तंगी से जूझती पांच बच्चों संग आत्महत्या का मन बना बैठी विधवा की शहर के समाजसेवियों ने की मदद | New India Timesखंडवा जिला मुख्यालय के कलेक्टर कक्ष में प्रति मंगलवार होने वाली जनसुनवाई में पहुंची छैगांव माखन ब्लाक के टिटगांव निवासी विधवा नूरबानो ने अपने पांच अनाथ बच्चों के साथ फर्श पर बैठकर रोते हुए गरीबी रेखा के राशन कार्ड पर उचित मूल्य पर दूकान से राशन दिलाये जाने की मांग की। पीड़ित के दुःख का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि कई बार राशन के आभाव मेें उसे एवं उसके बच्चों को अक्सर भूखा ही रहना पड़ता था जिससे तंग आकर वह अब अपने पांचों बच्चों के साथ कुंए में कूदकर आत्महत्या करने जैसे कृत्य का मन बना बैठी है।

उक्त महिला के विलाप को देखकर अधिकारियों ने भी तुरन्त उसकी समस्या सुनी और साथ ही उसकी मांग अनुरूप खाद्य अधिकारी श्री रोहित देवला जी ने उसे राशन दिलवाने का आश्वाशन भी दिया किन्तु वह भी अगले एक से दो महीने में सिस्टम द्वारा फ़ूड पर्ची के जनरेट होने पर ही पूरा हो पायेगा।
उक्त पुरे प्रकरण को जब स्थानीय मीडिया द्वारा प्रमुखता से उठाया गया तब शहर का समाजसेवी वर्ग भी महिला की मदद हेतु आगे आया एवं शहर के हाजी युसूफ बांठिया, पवन अग्रवाल, तस्लीम शब्बीर, इस्माईल खान एवं अय्यूब खान ने शहर से लगभग 12 किलोमीटर दूर स्थित महिला के घर पहुंचकर उसकी व्यथा समझते हुए उसे राशन के बैग के साथ ही आर्थिक मदद भी दी।​मध्य प्रदेश के खंडवा में आर्थिक तंगी से जूझती पांच बच्चों संग आत्महत्या का मन बना बैठी विधवा की शहर के समाजसेवियों ने की मदद | New India Timesपीड़ित महिला की मदद करने पहुंचे हाजी युसूफ बांठिया ने मीडिया को बताया कि महिला के पति की लगभग पांच वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है, तब से ही वह कभी-कभी मिलने वाली मजदूरी करते हुए अपने पांच बच्चों का भरण पोषण कर रही है। साथ ही गांव के स्वयं सहायता समूह में जाकर 500 रु महीना में रोटी बनाती है एवं जब मजदूरी नहीं मिलती तब परिवार भूखे ही सोता है। वर्तमान में महिला को गांव के ही एक व्यक्ति ने लगभग दस बाई छः फिट की टीन की टपरी सोने हेतु दे रखी है,  जिसमें एक छोटी लोहे की पेटी के अलावा उसके पास कोई संसाधन नहीं है।

ग्रुप के इस्माईल खान ने मिडिया का धन्यवाद देते हुए कहा कि मीडिया से ही हमें इस मार्मिक घटना की जानकारी हुई है और अब प्रशाशन को भी इस महिला को जल्द से जल्द शासन की योजनाओं का लाभ दिलाकर उसके दुःख को कम करने का प्रयास करना चाहिए।

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