अबरार अहमद खान, भोपाल, NIT;
मध्यप्रदेश तृतीय वर्ग शासकीय कर्मचारी संघ के महामंत्री लक्ष्मी नारायण शर्मा ने 2017 – 18 के आम बजट में मध्यमवर्ग को दी गई राहत को ऊंट के मुंह में जीरा के सामान बताया है।
उन्होंने बताया कि नए आयकर स्लैब में 3 लाख रुपए तक की आय वालों को कर से मुक्त रखा गया है। परंतु जिनकी आय 3 लाख रुपए से अधिक है वहां ढाई लाख से 5 लाख तक की आय वालों पर मामूली 5 फीसदी टैक्स लगाया गया है। पहले स्लेब कर की दर 10 फीसदी थी जिसे कम कर 5 फीसदी कर दिया गया है। नए स्लेब के अनुसार 3 लाख रुपए की आय पर कोई कर नहीं लगेगा और 5 लाख रुपए से अधिक की आय वालों को ₹12500 का फायदा मिलेगा क्योंकि पहले ढाई लाख से 5 लाख पर जो 10% कर लगता था वह ₹25000 होता था, अब कर की दर घटाकर 5% कर दी गई है तथा ढाई लाख से 5 लाख पर जो राशि ढाई लाख रुपए है, उस पर कर ₹12500 लगेगा। इस प्रकार आयकर दाताओं को 12500 रुपए की छूट मिलेगी परंतु यह छूट ऊंट के मुंह में जीरे के समान है।
सातवां वेतनमान मिलने से कर्मचारियों के वेतन में वृद्धि हुई है और कर्मचारी जगत वित्तमंत्री से यह अपेक्षा कर रहा था कि 4 लाख रुपए तक की आय को कर से मुक्त रखा जाना चाहिए था और 4 लाख से 6 लाख तक की आय पर 5% कर का स्लेबस बनाया जाना चाहिए था परंतु ऐसा नहीं किया गया है जिससे कर्मचारी जगत को निराशा हुई है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय स्तर पर जो कर्मचारियों का मंच है, के माध्यम से वह आयकर स्लैब बढ़ाने की मांग करेंगे।
