राकेश यादव, ब्यूरो चीफ, सागर (मप्र), NIT:
देवरी नगरवासियों के आवागमन का प्रमुख मार्ग लोक निर्माण विभाग के टाउन पोर्शन एवं पुरानी बायपास सड़क इन दिनों विभागीय इंजीनियरों की प्रयोगशाला बन चुकी है। विभाग द्वारा करीब एक सप्ताह पूर्व इस मार्ग पर कराया गया पेचवर्क कई स्थानों पर सड़क की सतह से उखड़ चुका है। महज कुछ ही दिनों में गिट्टी का ढेर बन चुकी इस सड़क की निर्माण सामग्री लोग अपनी हथेली पर रखकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर रहे हैं।

दरअसल, देवरी नगर का लगभग चार किलोमीटर लंबा टाउन पोर्शन एवं पुराना बायपास मार्ग पूर्व में राष्ट्रीय राजमार्ग-26 का हिस्सा था। विगत वर्षों में इसका अधिकांश हिस्सा लोक निर्माण विभाग के अधीन आ गया है। इसकी मरम्मत एवं देखरेख का जिम्मा अब लोक निर्माण विभाग के स्थानीय अधिकारियों के पास है। विभाग द्वारा लगभग 30 माह पूर्व इस जर्जर मार्ग का रिन्यूअल वर्क ठेका एजेंसी के माध्यम से करीब एक करोड़ रुपये की लागत से कराया गया था। लेकिन उक्त सड़क अपनी गारंटी अवधि के दौरान ही कई स्थानों पर क्षतिग्रस्त हो गई। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे होने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।
इस संबंध में कई जागरूक नागरिकों ने विभाग के लोकपथ ऐप पर भी शिकायतें दर्ज कराई थीं। जनप्रतिनिधियों ने भी शासन-प्रशासन को सड़क की स्थिति से अवगत कराया था। इसके बावजूद विभागीय अधिकारियों की अनदेखी और वर्षाकाल के चलते सड़क की मरम्मत नहीं हो सकी। इसी दौरान ठेका एजेंसी की गारंटी अवधि भी समाप्त हो गई।
मरम्मत के पांच दिन बाद ही उखड़ने लगी सड़क
लंबे समय से जर्जर सड़क पर आवागमन में परेशानी झेल रहे वाहन चालकों एवं स्कूली विद्यार्थियों की शिकायतों के बाद विभाग द्वारा विगत पखवाड़े में सड़क के चिन्हित स्थानों पर पेचवर्क कराया गया था। 10 अक्टूबर से 25 अक्टूबर तक 15 दिनों तक चले इस मरम्मत कार्य के दौरान झिन्ना पुलिया से हाईस्कूल के मध्य तथा फोलाइन छीर से सेमराखेड़ी के बीच सड़क के क्षतिग्रस्त हिस्सों की छिलाई कर डामरीकरण कराया गया था। इसके बाद नागरिकों ने राहत की सांस ली थी, लेकिन यह राहत चंद दिनों में ही काफूर हो गई।
विभाग द्वारा कराया गया उक्त मरम्मत कार्य महज पांच दिनों तक ही टिक सका। जगह-जगह सड़क उखड़ने से गिट्टी और निर्माण सामग्री बिखर गई। इसके चलते वाहन चालकों एवं स्कूली बच्चों को एक बार फिर परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। विभाग के इस अजीबोगरीब कारनामे को लेकर नागरिक सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर अपनी प्रतिक्रियाएं व्यक्त कर रहे हैं। विभाग द्वारा ठेका एजेंसी के माध्यम से कराए गए इस मरम्मत कार्य में गुणवत्ताहीन सामग्री के इस्तेमाल और निर्धारित मानकों की अनदेखी के आरोप लग रहे हैं। अब नागरिक इस मामले में विभागीय जांच और कार्रवाई का इंतजार कर रहे हैं।
टेंडर प्रक्रिया के दौरान कराया गया पेचवर्क
प्राप्त जानकारी के अनुसार, देवरी की पुरानी बायपास सड़क के निर्माण कार्य को लेकर वर्तमान में विभाग में टेंडर प्रक्रिया चल रही है। विभाग के टेंडर क्रमांक 2026/लोनिवि/आरबी क्र. 539698 के तहत आठ किलोमीटर सड़क के रिन्यूअल वर्क के लिए निविदा आमंत्रित की गई थी। 2 करोड़ 94 लाख रुपये की लागत वाले इस कार्य में चार किलोमीटर लंबे देवरी बायपास के लिए 1 करोड़ 47 लाख रुपये तथा चार किलोमीटर लंबे गौरझामर मुख्य मार्ग के लिए भी 1 करोड़ 47 लाख रुपये का बजट निर्धारित किया गया है।
उक्त निर्माण कार्य की टेंडर प्रक्रिया जारी रहने के दौरान ही विभागीय अधिकारियों द्वारा एसएमडीएस मद से आनन-फानन में मरम्मत कार्य करा दिया गया, जो महज पांच दिनों में ही उखड़ने लगा। इससे विभाग की कार्यप्रणाली पर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
विभागीय सूत्रों के मुताबिक, इसी मार्ग के लिए विभाग द्वारा लगभग 16 करोड़ रुपये की लागत से दो लेन सड़क निर्माण की डीपीआर तैयार की गई है, जिसकी टेंडर प्रक्रिया अप्रैल 2027 तक पूरी होने की उम्मीद है। विभाग की प्रयोगशाला बन चुकी इस सड़क पर किए जा रहे नित नए प्रयोगों से जानकार भी हैरान हैं। यह विभाग की कार्यप्रणाली की एक झलक मात्र है। क्षेत्र में विभाग की कई प्रमुख सड़कें आधी-अधूरी पड़ी हैं, जिसके चलते ग्रामीणों को आवागमन में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा विभाग द्वारा नवनिर्मित कुछ मार्गों पर एस्टीमेट में दर्शाए गए साइन बोर्ड भी गायब हैं। ऐसे में विभाग की कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में है।
नगर की मुख्य सड़क भी हुई जर्जर
देवरी नगर की झिन्ना पुलिया से लेकर सिविल लाइन तक लगभग डेढ़ किलोमीटर लंबी मुख्य सड़क भी जगह-जगह क्षतिग्रस्त हो चुकी है। नगरपालिका देवरी के अंतर्गत आने वाली इस सड़क पर सहजपुर तिराहे के पास सड़क टूटकर धंस गई है, जिससे वहां गड्ढा बन गया है। इसके चलते वाहन चालकों को दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। इसी प्रकार सिविल लाइन के समीप सोनी पेट्रोल पंप के सामने सड़क क्षतिग्रस्त होने के कारण वाहन चालक आए दिन दुर्घटनाओं का शिकार हो रहे हैं। इसके बावजूद नगरपालिका प्रशासन पूरे मामले पर चुप्पी साधे हुए है। खानापूर्ति के लिए निकाय द्वारा डाली गई गिट्टी और डस्ट भी बाइक चालकों के लिए दुर्घटना का कारण बन रही है।
सड़क नहीं, भ्रष्टाचार का कीर्तिमान बना रहे हैं अधिकारी
लोक निर्माण विभाग द्वारा कराए गए इस चर्चित मरम्मत कार्य को लेकर कांग्रेस के नगर अध्यक्ष गौरव पांडे ने सोशल मीडिया पर फेसबुक के माध्यम से एक वीडियो साझा कर इसे भ्रष्टाचार की सड़क बताया है। हाथ में उखड़ी हुई सड़क की निर्माण सामग्री लेकर साझा किए गए इस वीडियो में उन्होंने कहा कि लोक निर्माण विभाग सड़क नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार का कीर्तिमान बना रहा है। शासन के लाखों रुपये खर्च करने के बावजूद इस तरह का घटिया निर्माण किया जा रहा है। विभाग के अधिकारी राजनीतिक संरक्षण में भ्रष्टाचार का नया अध्याय लिख रहे हैं। इस बेलगाम व्यवस्था पर कोई नियंत्रण नहीं है।
इनका कहना है
सड़क के मरम्मत कार्य को लेकर लोक निर्माण विभाग के अनुविभागीय अधिकारी उमाशंकर तिवारी का कहना है कि उक्त सड़क का मरम्मत कार्य एसएमडीएस मद से कराया गया है। यह शॉर्ट टर्म मरम्मत कार्य था, जिसमें डामरीकरण शामिल नहीं था। हालांकि, उनके अनुसार यह कार्य ठेका एजेंसी से कराया गया था।
सड़क के एक सप्ताह के भीतर टूटने के संबंध में उन्होंने पहले अनभिज्ञता जाहिर की। फोटो एवं वीडियो का अवलोकन करने के बाद उन्होंने संबंधित स्थानों पर विभाग द्वारा मरम्मत कार्य कराए जाने से इनकार कर दिया। उनका कहना था कि जहां भी सड़क टूटी है, वहां विभाग द्वारा मरम्मत कार्य नहीं कराया गया है। मरम्मत कार्य की लागत से अनभिज्ञ एसडीओ ने बताया कि पेचवर्क करने वाली ठेका एजेंसी को अभी तक कोई भुगतान नहीं किया गया है।
