रहीम शेरानी हिंदुस्तानी, ब्यूरो चीफ, झाबुआ (मप्र), NIT:

शीआरोग्य भारती ने मनाई भगवान धन्वंतरि जयंती, वक्ताओं ने कहा- स्वस्थ शरीर ही जीवन की सबसे बड़ी संपदा | New India Times

आरोग्य भारती जिला बुरहानपुर द्वारा आयुर्वेद के प्रवर्तक एवं आरोग्य के देवता भगवान धन्वंतरि जी की जयंती के उपलक्ष्य में पूजन एवं विशेष कार्यक्रम का आयोजन स्थानीय राधेश्याम आशीर्वाद हॉस्पिटल परिसर में किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में सुप्रसिद्ध स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. कीर्तिका तारवाला, प्रमुख वक्ता के रूप में आयुर्वेद महाविद्यालय के पूर्व प्राचार्य डॉ. शिवकुमार आचार्य तथा अध्यक्ष के रूप में आरोग्य भारती के जिला संयोजक डॉ. मनोज अग्रवाल उपस्थित रहे।

कार्यक्रम का शुभारंभ डॉ. शिवकुमार आचार्य द्वारा स्वरचित भगवान धन्वंतरि की आरती के सामूहिक गायन एवं विधिवत पूजन के साथ हुआ। इसके पश्चात डॉ. आचार्य ने भगवान धन्वंतरि के जीवन, आयुर्वेद में उनके योगदान तथा भारतीय चिकित्सा परंपरा में उनके महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि भगवान धन्वंतरि केवल आयुर्वेद के प्रवर्तक ही नहीं, बल्कि स्वस्थ एवं संतुलित जीवन जीने की भारतीय परंपरा के प्रतीक भी हैं।

मुख्य अतिथि डॉ. कीर्तिका तारवाला ने अपने उद्बोधन में कहा कि भगवान धन्वंतरि का अवतरण संपूर्ण सृष्टि के लिए एक अमूल्य उपहार है। वे मानव जीवन में आरोग्य का संदेश लेकर आए। वास्तव में स्वस्थ शरीर और निरोगी जीवन ही मनुष्य की सबसे बड़ी पूंजी है। स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और उसकी नियमित देखभाल प्रत्येक व्यक्ति की प्राथमिकता होनी चाहिए।

कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. मनोज अग्रवाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि आज व्यक्ति अधिक से अधिक धन कमाने की दौड़ में अपने स्वास्थ्य की अनदेखी कर रहा है। स्थिति यह है कि जीवन का एक बड़ा हिस्सा धन कमाने में खर्च करने के बाद शेष जीवन उसी धन को बिगड़े हुए स्वास्थ्य को सुधारने में लगा देता है। जबकि वास्तविकता यह है कि हमारी सबसे बड़ी धन-संपदा हमारा स्वस्थ शरीर है। यदि स्वास्थ्य ही ठीक नहीं है, तो धन, वैभव और सुविधाओं का भी कोई विशेष महत्व नहीं रह जाता।

इस अवसर पर प्रदेश केमिस्ट एवं ड्रगिस्ट एसोसिएशन में शहर सचिव के पद पर चयनित होने पर मनोज अगनानी का पुष्पमाला पहनाकर एवं अंगवस्त्र भेंट कर अभिनंदन किया गया।

कार्यक्रम के समापन पर प्रधानमंत्री के ‘लोकल फॉर वोकल’ आह्वान को सार्थक करते हुए उपस्थित सभी लोगों ने इस दीपावली पर मिट्टी के दीपक जलाकर त्योहार मनाने का सामूहिक संकल्प लिया। इससे स्थानीय कुम्हारों को आर्थिक संबल मिलेगा, उनकी मेहनत को सम्मान मिलेगा तथा भारतीय परंपरा और स्वदेशी उत्पादों को प्रोत्साहन मिलेगा।

कार्यक्रम का कुशल संचालन आरोग्य भारती के सचिव डॉ. विनोद चौधरी ने किया तथा आभार प्रदर्शन डॉ. तरुण चौकसे ने किया।

इस अवसर पर डॉ. किरण ठाकुर, मनोज अगनानी, डॉ. बृजेश श्रीवास्तव, श्रीमती उमा कपूर, नीरज कक्कड़, राजेंद्र तारवाला, आर.पी. श्रीवास्तव, डॉ. यशस्वी श्रीवास्तव, संजय चीते, सुभाष पाटिल सहित अनेक गणमान्य नागरिक एवं स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े व्यक्ति उपस्थित रहे।

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