राकेश यादव, ब्यूरो चीफ, सागर (मप्र), NIT:
शासकीय नेहरू स्नातकोत्तर महाविद्यालय में व्याप्त समस्याओं के निराकरण की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपने पहुंचे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के छात्र-छात्राओं का ज्ञापन प्राचार्य द्वारा लेने से इनकार करने पर विवाद की स्थिति निर्मित हो गई। इससे नाराज विद्यार्थियों ने महाविद्यालय के मुख्य गेट पर धरना देकर नारेबाजी शुरू कर दी। काफी देर तक चले विरोध प्रदर्शन के बाद एसडीएम मुनव्वर खान के हस्तक्षेप से मामला शांत हुआ और विद्यार्थियों ने धरना समाप्त किया।
जानकारी के अनुसार, महाविद्यालय की विभिन्न समस्याओं के निराकरण को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद की देवरी इकाई के कार्यकर्ता पांच सूत्रीय मांगों का ज्ञापन लेकर प्राचार्य डॉ. ओपी दुबे के पास पहुंचे थे। विद्यार्थियों का आरोप है कि प्राचार्य ने ज्ञापन लेने से इनकार करते हुए कहा कि आप लोग कॉलेज में राजनीति करने आए हैं, यहां राजनीति नहीं चलेगी। प्राचार्य के इस रवैये से नाराज छात्र-छात्राओं ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर बैठकर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया।
सूचना मिलने पर एसडीएम मुनव्वर खान मौके पर पहुंचे और प्रदर्शन कर रहे विद्यार्थियों से चर्चा की। इस दौरान विद्यार्थियों ने अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन एसडीएम को सौंपा। एसडीएम ने बीए, बीएससी और बीकॉम प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम जल्द घोषित कराने के लिए कलेक्टर को पत्र भेजने तथा बंद पड़े कन्या छात्रावास, शौचालय और अन्य समस्याओं के निराकरण के लिए प्राचार्य से चर्चा करने का आश्वासन दिया। इसके बाद विद्यार्थियों ने अपना धरना समाप्त कर दिया।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अध्यक्ष वैभव खत्री ने बताया कि बीए, बीएससी और बीकॉम प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम घोषित करने में अनावश्यक देरी हो रही है। विद्यार्थियों ने इन्हें जल्द जारी करने की मांग की है। इसके अलावा महाविद्यालय में लंबे समय से बंद पड़ी अटेंडेंस मशीनों को चालू करने, जर्जर हालत के कारण बंद पड़े छात्रावास को दोबारा शुरू करने तथा छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग शौचालय की व्यवस्था करने सहित पांच सूत्रीय मांगें रखी गई हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि जब 75 प्रतिशत उपस्थिति अनिवार्य की गई है, तो उपस्थिति दर्ज करने वाली मशीनों का भी सुचारू रूप से संचालन होना चाहिए।
वहीं, महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. ओपी दुबे ने बताया कि विद्यार्थियों ने अपना ज्ञापन एसडीएम को सौंपा है। उनकी प्रमुख मांग बीए, बीएससी और बीकॉम प्रथम वर्ष के परीक्षा परिणाम जल्द घोषित कराने की है। इस संबंध में विश्वविद्यालय से चर्चा की गई है और करीब एक सप्ताह में परीक्षा परिणाम घोषित होने की संभावना है। उन्होंने बताया कि महाविद्यालय के शौचालयों में सैनिटरी पैड की व्यवस्था की गई है तथा अन्य व्यवस्थाएं भी सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं।
