मोहम्मद इसहाक मदनी, ब्यूरो चीफ, मैहर (मप्र), NIT:
पुलिस अधीक्षक मैहर अवधेश प्रताप सिंह एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. चंचल नागर के कुशल निर्देशन तथा अनुविभागीय अधिकारी (पुलिस) सुश्री ख्याति मिश्रा के मार्गदर्शन में थाना प्रभारी ताला निरीक्षक महेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने एक नाबालिग बालिका की हत्या के मामले का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है।
घटना का विवरण—
दिनांक 18 जनवरी 2026 को फरियादी ने थाना ताला पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई कि 17 जनवरी 2026 को वह अपनी पत्नी के साथ दवाई कराने मुकुंदपुर अस्पताल गए थे। घर से निकलते समय उन्होंने अपनी 17 वर्षीय पुत्री को भैंस चराने के लिए पपरा पहाड़ जंगल की ओर भेजा था। शाम करीब 5 बजे जब वे घर लौटे तो उन्हें जानकारी मिली कि उनकी पुत्री सुबह करीब 10 बजे भैंस चराने गई थी, लेकिन अभी तक वापस नहीं लौटी है। फरियादी ने जंगल, आसपास के क्षेत्रों एवं रिश्तेदारियों में उसकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिलने पर थाना ताला में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट के आधार पर थाना ताला पुलिस ने अपराध क्रमांक 14/26, धारा 137(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया।
प्रकरण की विवेचना के दौरान 25 जनवरी 2026 को अपहृता का शव पपरा पहाड़ जंगल में मृत अवस्था में मिला। इस संबंध में थाना रामनगर, जिला मैहर में मर्ग क्रमांक 06/26, धारा 194 भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता के तहत मर्ग कायम कर पंचनामा कार्रवाई की गई। शव का पोस्टमार्टम एसजीएमएच रीवा में कराया गया।
शव के पंचनामा एवं घटनास्थल के निरीक्षण के दौरान मृतिका के सिर के पीछे खून लगा पत्थर, चेहरे के सामने बाएं हाथ के पास खून से सना पत्थर तथा आसपास के अन्य पत्थरों पर भी खून के निशान पाए गए। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मृतिका की खोपड़ी में फ्रैक्चर होने तथा किसी कठोर एवं भारी वस्तु से सिर पर चोट पहुंचने के कारण मृत्यु होना बताया गया। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों एवं पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर अज्ञात आरोपी द्वारा पत्थर से सिर कुचलकर नाबालिग की निर्मम हत्या किए जाने की पुष्टि होने पर प्रकरण में धारा 103(1) बीएनएस बढ़ाई गई और अज्ञात आरोपी की तलाश शुरू की गई।
घटना की गंभीरता को देखते हुए थाना ताला पुलिस ने वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में साइबर सेल मैहर की सहायता से तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए आरोपी की तलाश तेज कर दी। इसी दौरान प्राप्त तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदेही शीतल केवट पिता सहादेव केवट, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम बेलकशरी, थाना रामपुर नैकिन, जिला सीधी को 2 नवंबर 2026 को ग्राम कंदेहली में तलब कर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान आरोपी ने नाबालिग की हत्या करना स्वीकार किया।
पुलिस के अनुसार, आरोपी शीतल केवट ने अपने मेमोरेण्डम कथन में बताया कि उसका ग्राम कंदेहली आना-जाना था। इसी दौरान उसके मृतिका की बड़ी बहन से प्रेम संबंध स्थापित हो गए थे और दोनों मोबाइल फोन पर बातचीत करते थे। 16 जनवरी 2026 की रात आरोपी अपनी प्रेमिका से मिलने ग्राम कंदेहली पहुंचा था। वहां दोनों के बीच शारीरिक संबंध बनाते समय मृतिका ने उन्हें आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। मृतिका द्वारा इस बात की जानकारी परिजनों को दिए जाने के डर से आरोपी ने उसकी हत्या की योजना बना ली।
आरोपी ने बताया कि 17 जनवरी 2026 को जब मृतिका के माता-पिता दवाई कराने मुकुंदपुर गए, तो वह मृतिका के पीछे-पीछे पपरा पहाड़ जंगल की ओर पहुंच गया। जंगल में उसने मृतिका को उक्त घटना किसी को नहीं बताने के लिए कहा, लेकिन उसके इनकार करने पर आरोपी ने उसके बाल पकड़कर उसे जमीन पर पटक दिया और पत्थर से सिर पर कई बार वार कर उसकी हत्या कर दी। हत्या के बाद उसने वारदात में इस्तेमाल किए गए पत्थर को तेंदू के पेड़ के पास छिपा दिया।
आरोपी के मेमोरेण्डम कथन के आधार पर पुलिस टीम उसे साथ लेकर पपरा जंगल स्थित घटनास्थल पर पहुंची। आरोपी की निशानदेही पर हत्या में प्रयुक्त पत्थर एवं पीस कंपनी का एक मोबाइल फोन विधिवत जब्त किया गया। जब्त सामग्री को विवेचना में शामिल किया गया। पुलिस ने आरोपी शीतल केवट पिता सहादेव केवट, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम बेलकशरी, थाना रामपुर नैकिन, जिला सीधी को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया है।
गिरफ्तार आरोपी—
शीतल केवट पिता सहादेव केवट, उम्र 21 वर्ष, निवासी ग्राम बेलकशरी, थाना रामपुर नैकिन, जिला सीधी (म.प्र.)।
जब्ती—
हत्या में प्रयुक्त पत्थर एवं पीस कंपनी का एक मोबाइल फोन।
सराहनीय भूमिका—
इस अंधे कत्ल का खुलासा करने में निरीक्षक महेंद्र कुमार मिश्रा, थाना प्रभारी ताला; निरीक्षक विजय त्रिपाठी, थाना प्रभारी रामनगर; उपनिरीक्षक नागेश्वर प्रसाद मिश्रा, चौकी प्रभारी मुकुंदपुर; प्रधान आरक्षक पंकज मिश्रा, राकेश मिश्रा, चंदन शुक्ला, इच्छालाल तिवारी; आरक्षक आशीष मिश्रा, शंभू प्रसाद राय, संतोष द्विवेदी, विवेक मिश्रा; सिपाही कमलेन्द्र सिंह, थाना ताला तथा प्रधान आरक्षक सुशील द्विवेदी एवं आरक्षक संदीप सिंह, साइबर सेल की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
