जमशेद आलम, ब्यूरो चीफ, भोपाल (मप्र), NIT:
राजधानी भोपाल के ऐशबाग स्थित मध्यप्रदेश हाउसिंग बोर्ड के 600 ईडब्ल्यूएस (जनता क्वार्टर) के जर्जर मकानों को 14 नवंबर से ध्वस्त करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। हाउसिंग बोर्ड संभाग-3 ने सभी रहवासियों को 13 नवंबर तक मकान खाली करने और अपना सामान हटाने का अंतिम नोटिस जारी किया है। निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद जर्जर एवं असुरक्षित भवनों को गिराने की कार्रवाई की जाएगी।
अधिकारियों ने किया दौरा, सर्वे में सामने आई स्थिति
कार्रवाई से पहले हाउसिंग बोर्ड के अधिकारियों ने जनता क्वार्टर पहुंचकर रहवासियों से बातचीत की। विभागीय सर्वे और आंकड़ों के अनुसार, इन 600 मकानों में रहने वाले लोगों में से केवल 110 लोग ही वैध मूल आवंटी हैं। वहीं, शेष करीब 490 मकानों में अनधिकृत रूप से लोग रह रहे हैं। प्रशासन के इस फैसले के बाद पूरी बस्ती में हलचल का माहौल है।
ध्वस्तीकरण के बाद क्या है हाउसिंग बोर्ड का मास्टर प्लान?
आधुनिक बहुमंजिला आवासीय परिसर का होगा निर्माण
जर्जर भवनों को गिराने के बाद हाउसिंग बोर्ड इस पूरी जमीन पर पुनर्विकास योजना (रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट) के तहत नई बहुमंजिला आवासीय इमारतों का निर्माण करेगा। इस आधुनिक आवासीय परिसर में चौड़ी आंतरिक सड़कें, पर्याप्त पार्किंग, सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट, लिफ्ट, सामुदायिक भवन और हरित क्षेत्र जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने की योजना है।
वैध आवंटियों को मिलेगा 20 प्रतिशत अधिक कारपेट एरिया
वर्तमान जनता क्वार्टर का आकार काफी छोटा है। नई पुनर्विकास योजना के तहत सभी 110 वैध मूल आवंटियों को उनके मौजूदा मकानों की तुलना में 20 प्रतिशत अधिक कारपेट एरिया वाले नए, पक्के और सुविधायुक्त फ्लैट उपलब्ध कराए जाएंगे।
निर्माण पूरा होने तक बैंक खातों में मिलेगा मासिक किराया
नए बहुमंजिला भवनों का निर्माण पूरा होने और पात्र आवंटियों को फ्लैट का कब्जा सौंपे जाने तक सहमति पत्र जमा करने वाले सभी 110 पात्र परिवारों को प्रतिमाह कलेक्टर गाइडलाइन के अनुसार निर्धारित किराया राशि सीधे उनके बैंक खातों में दिए जाने की योजना है। इससे निर्माण अवधि के दौरान परिवारों को वैकल्पिक आवास की व्यवस्था करने में सहायता मिलेगी।
अवैध कब्जाधारियों को नहीं मिलेगा फ्लैट और मुआवजा
हाउसिंग बोर्ड के अनुसार, करीब 490 अनधिकृत कब्जाधारियों को पुनर्विकास योजना के तहत नया फ्लैट, किराया या मुआवजा देने का प्रावधान नहीं है। निर्धारित समयसीमा समाप्त होने के बाद मकान खाली नहीं करने वालों के खिलाफ प्रशासन द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
