नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:
जलगांव जिले के किनगांव में RSS के रूट मार्च को लेकर पैदा किए गए विवाद पर मंत्री गिरीश महाजन के बयान के बाद किनगांव पहुंचे बीजेपी नेता किरीट सोमैया के खिलाफ़ सड़क पर उतरे संविधान प्रेमी संगठनों को पुलिस ने लिखित में कार्रवाई की गारंटी दी है। कानून व्यवस्था का हवाला दे कर दुर्गा माता दौड़ को मना कर RSS के रूट मार्च को मिली इजाज़त को जनता ने किसी साज़िश के तौर पर देखा।

अज्ञात उपद्रवी तत्वो द्वारा किए गए पथराव ने गांव में दंगे की पृष्ठभूमि बना दी। वंचित बहुजन आघाड़ी की शामिभा पाटील ने बीजेपी के किरीट सोमैया की मौजूदगी को लेकर प्रशासन पर सवाल दागे। वंचित बहुजन आघाड़ी की ओर से यावल थाने के बाहर दो दिन तक दिए गए धरने के बाद पुलिस ने सोमैया के ख़िलाफ़ कानूनी कार्रवाई की हामी भरी। एकता संगठन के फारूख शेख ने प्रशासन को कटघरे में खड़ा किया। इस पूरे प्रकरण में कलेक्टर रोहन घुगे की भूमिका संदेह से घिरती जा रही है।
जामनेर में बढ़ रहा क्राइम ग्राफ :
कानून व्यवस्था बरकरार रखने के लिए सरकार की ओर से किए गए इंतजाम भ्रष्टाचार के भेंट चढ़ जाने के कारण जामनेर में क्राइम ग्राफ बढ़ता जा रहा है। 2016 में 1 करोड़ रुपया खर्च कर मेन रोड के खंभो पर लगाए गए CCTV बेकार हो चुके हैं। इसी मेन रोड से बिना नंबर के सैकड़ों डंपर हज़ारों ब्रास बालू की तस्करी करते हैं। जब लोग पुलिस स्टेशन के सामने जमा होते हैं तब किसी वारदात का खुलासा होता है दौरान शिकायते दर्ज करने से बचा जाता है। Gen Z अविनाश बोरसे ने इन बेकार हो चुके कैमरों को माला पहनाकर अलविदा कहा है।
