ममता गनवानी,भोपाल (मप्र), NIT:
ईंटखेड़ी में 4 से 7 दिसंबर 2026 तक आयोजित होने वाले 79वें आलमी तब्लीगी इज्तिमा की तैयारियां जोर-शोर से जारी हैं। आयोजन को सुव्यवस्थित और सफल बनाने के लिए इज्तिमा इंतजामिया कमेटी, जिला प्रशासन और विभिन्न शासकीय विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ कार्य किया जा रहा है। इस वर्ष इज्तिमा का मुख्य संदेश जल संरक्षण होगा। कमेटी ने आयोजन स्थल पर पानी की खपत कम से कम 30 प्रतिशत घटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है।

शुक्रवार, 30 अक्टूबर को कलेक्टर श्री प्रियंक मिश्रा ने पुलिस अधीक्षक ग्रामीण श्री पंकज पांडे एवं संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ इज्तिमागाह पहुंचकर तैयारियों का जायजा लिया। उन्होंने आयोजन स्थल का निरीक्षण कर विभिन्न विभागों द्वारा किए जा रहे कार्यों की समीक्षा की। कलेक्टर ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि पेयजल, विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, पहुंच मार्गों, स्वास्थ्य सेवाओं और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं से जुड़े सभी कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे किए जाएं। उन्होंने देश-विदेश से आने वाली जमातों की सुविधा और सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश भी दिए।

इज्तिमा की तैयारियों में सहयोग के लिए बड़ी संख्या में वालंटियर्स लगातार इज्तिमागाह पहुंच रहे हैं। स्वयंसेवक विभिन्न व्यवस्थाओं और निर्माण कार्यों में सक्रिय रूप से अपना योगदान दे रहे हैं। कमेटी द्वारा वालंटियर्स की जिम्मेदारियां निर्धारित कर उन्हें अलग-अलग व्यवस्थाओं में तैनात करने की योजना पर भी काम किया जा रहा है। इज्तिमागाह में पंडाल लगाने का काम शुरू हो चुका है। पेयजल की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न स्थानों पर पानी की पाइपलाइन बिछाई जा रही है। इसके साथ ही शौचालयों, स्नानगृहों और पानी के नल लगाने का कार्य भी जारी है। लाखों जायरीन की सुविधा को ध्यान में रखते हुए बुनियादी व्यवस्थाओं को चरणबद्ध तरीके से विकसित किया जा रहा है।
नगर निगम, लोक निर्माण विभाग (PWD), लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग (PHE), विद्युत विभाग, पुलिस और स्वास्थ्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभाग अपने-अपने दायित्वों के अनुसार कार्य कर रहे हैं। साफ-सफाई, कचरा प्रबंधन, पेयजल, सड़क, बिजली, सुरक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। इज्तिमा इंतजामिया कमेटी और शासन-प्रशासन के बीच बेहतर तालमेल के साथ तैयारियां आगे बढ़ रही हैं। जिला प्रशासन एवं संबंधित विभागों के अधिकारी नियमित रूप से व्यवस्थाओं की समीक्षा कर रहे हैं, ताकि आयोजन से पहले सभी आवश्यक कार्य पूरे किए जा सकें और देश-विदेश से आने वाली जमातों को बेहतर नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

इस वर्ष 79वें आलमी तब्लीगी इज्तिमा में जल संरक्षण को मुख्य विषय के रूप में अपनाया गया है। इसका उद्देश्य धार्मिक आयोजन के माध्यम से समाज को पानी की अहमियत, उसकी बचत और जिम्मेदार उपयोग का संदेश देना है। कमेटी ने पिछले तुलनीय आयोजन की व्यवस्था के मुकाबले इज्तिमागाह में पानी की कुल खपत कम से कम 30 प्रतिशत घटाने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके लिए वुज़ू स्थलों पर पानी की बर्बादी रोकने, पानी के नलों और पाइपलाइनों में लीकेज नियंत्रित करने तथा पेयजल वितरण को व्यवस्थित बनाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। वालंटियर्स के माध्यम से भी जायरीन को पानी बचाने के लिए जागरूक किया जाएगा। आयोजन स्थल पर जल संरक्षण से संबंधित संदेश और जागरूकता सामग्री भी प्रदर्शित की जाएगी। जायरीन से अपील की जाएगी कि वे वुज़ू, स्नान और अन्य दैनिक आवश्यकताओं के दौरान पानी का अनावश्यक उपयोग न करें। कमेटी का मानना है कि इज्तिमा जैसे विशाल आयोजन के माध्यम से दिया गया जल संरक्षण का संदेश देशभर से आने वाले लाखों लोगों तक पहुंचेगा और वे इसे अपने घरों तथा समाज में भी अपनाने के लिए प्रेरित होंगे।
आलमी तब्लीगी इज्तिमा इंतजामिया कमेटी के मीडिया कोऑर्डिनेटर डॉ. उमर हफीज खान ने बताया कि इज्तिमा की तैयारियां पूरी जिम्मेदारी और बेहतर समन्वय के साथ आगे बढ़ रही हैं। जिला प्रशासन, पुलिस और नगर निगम सहित सभी संबंधित विभागों का पूरा सहयोग मिल रहा है। कलेक्टर एवं अन्य अधिकारियों ने स्वयं आयोजन स्थल पर पहुंचकर कार्यों का निरीक्षण किया है और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। बड़ी संख्या में वालंटियर्स भी आगे आकर अपनी सेवाएं दे रहे हैं। डॉ. उमर हफीज खान ने कहा कि इस वर्ष जल संरक्षण को इज्तिमा का मुख्य विषय बनाने का निर्णय लिया गया है। पानी अल्लाह की बहुत बड़ी नेमत है और इसकी हिफाजत हम सभी की जिम्मेदारी है। हमारा प्रयास रहेगा कि इज्तिमागाह में पानी की खपत कम से कम 30 प्रतिशत घटाई जाए। उन्होंने कहा कि इज्तिमा के माध्यम से केवल धार्मिक संदेश ही नहीं, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ियों के लिए पानी बचाने का एक व्यावहारिक संदेश भी दिया जाएगा।
