मेहलक़ा इक़बाल अंसारी, ब्यूरो चीफ, बुरहानपुर (मप्र), NIT:

मदरसों से शिक्षा प्राप्त करने वाले पुराने और नए विद्यार्थी, जो आज धार्मिक विद्वानों के रूप में अपनी भूमिका निभा रहे हैं, उनके बीच शैक्षणिक, वैचारिक एवं आध्यात्मिक संबंधों को मजबूत बनाने तथा वर्तमान समय की जरूरतों से अवगत कराने के उद्देश्य से 31 अक्टूबर 2026, शनिवार को बुरहानपुर में तीन विशेष धार्मिक एवं शैक्षणिक बैठकों का आयोजन किया जा रहा है।
पहली बैठक सुबह 9 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक मदरसा फैजुल उलूम, हमीदपुरा, बुरहानपुर में आयोजित होगी। इसमें मदरसे से शिक्षा प्राप्त कर चुके पुराने एवं नए विद्यार्थियों द्वारा अपने अनुभव और विचार प्रस्तुत किए जाएंगे।
दूसरी बैठक नमाज-ए-जोहर के बाद दोपहर 2:15 बजे मस्जिद फैजुल उलूम, हमीदपुरा में आयोजित होगी। इसका विषय ‘वर्तमान दौर में उलेमाओं की जिम्मेदारियां’ रखा गया है। इस अवसर पर हजरत मौलाना कारी रशीद अहमद साहब विशेष संबोधन करेंगे।
तीसरी बैठक नमाज-ए-ईशा के बाद मस्जिद नवाब अब्दुल रहीम, इक़बाल चौक, बुरहानपुर में आयोजित होगी। इसका विषय ‘वर्तमान परिस्थितियों में मुसलमानों की जिम्मेदारियां’ रखा गया है। इसमें जमीयत उलेमा महाराष्ट्र के उपाध्यक्ष, प्रखर वक्ता एवं धार्मिक विद्वान मुफ्ती मोहम्मद हारून साहब नदवी (जलगांव) विशेष संबोधन करेंगे।
इन सभी बैठकों में मदरसा फैजुल उलूम के प्रमुख शिक्षक एवं विद्वान उलेमा मार्गदर्शन करेंगे तथा बैठकों की अध्यक्षता करेंगे। आयोजन का मुख्य उद्देश्य शिक्षकों एवं विद्यार्थियों के पुराने संबंधों को फिर से मजबूत करना, शैक्षणिक यादों को ताजा करना तथा नई पीढ़ी को अपनी धार्मिक एवं सामाजिक जिम्मेदारियों के प्रति जागरूक करना है।
इन तीनों विशेष बैठकों का आयोजन संगठन गुलशन फैजुल उलूम, हमीदपुरा, बुरहानपुर की ओर से किया जा रहा है।
