मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

प्रशासनिक उपेक्षा और स्थानीय समस्याओं से परेशान डूंगरिया पनारा के ग्रामीणों ने अपने बुनियादी अधिकारों की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन आमरण अनशन शुरू कर दिया है। खेल मैदान को कथित अवैध कब्जे से मुक्त कराने, 60 साल पुरानी ऐतिहासिक सड़क को बहाल करने तथा सुचारू पेयजल आपूर्ति और पक्की सड़क जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर यह आंदोलन शुरू किया गया है।

इस आंदोलन की अगुवाई कर रहे सामाजिक कार्यकर्ता संजय विनायक (पिता रामगोपाल विनायक) अपनी मांगों को लेकर भूख हड़ताल पर बैठ गए हैं। अनशन की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन हरकत में आया और तहसीलदार मौके पर पहुंचीं।

तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर सुनीं समस्याएं, दिया तीन दिन का समय

मामले की गंभीरता और ग्रामीणों की नाराजगी को देखते हुए तहसीलदार अपने दल-बल के साथ अनशन स्थल पर पहुंचीं। उन्होंने अनशनकारी संजय विनायक और ग्रामीणों से बातचीत कर उनकी मांगों को सुना। तहसीलदार ने आश्वासन दिया कि मामले का न्यायसंगत एवं पारदर्शी निराकरण अगले तीन दिनों के भीतर करने का प्रयास किया जाएगा।

ग्रामीणों ने तहसील कार्यालय में जमा किए भूमि और सड़क से जुड़े दस्तावेज

तहसीलदार के निर्देशानुसार ग्रामीणों ने जमीन और 60 साल पुरानी सड़क से संबंधित आवश्यक दस्तावेज तहसील कार्यालय में जमा करा दिए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनके पास उपलब्ध दस्तावेज वैध हैं और वे लंबे समय से अपने अधिकारों से वंचित हैं।

ठोस कार्रवाई होने तक आंदोलन जारी रखने की चेतावनी

ग्रामीणों का कहना है कि जब तक खेल मैदान को कब्जे से मुक्त नहीं कराया जाता और बंद पड़ी पुरानी सड़क को बहाल करने की दिशा में ठोस कार्रवाई शुरू नहीं होती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

अब देखना होगा कि प्रशासन तीन दिनों के भीतर ग्रामीणों की समस्याओं का निराकरण कर उन्हें राहत दिला पाता है या नहीं। फिलहाल ग्रामीणों की निगाहें प्रशासन की आगामी कार्रवाई पर टिकी हैं।

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