वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:
कस्ता–सीतापुर मुख्य मार्ग से मुरासा संपर्क मार्ग को जोड़ने वाली सड़क के निर्माण कार्य में मानकों की अनदेखी किए जाने का आरोप लगा है। स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क निर्माण में कथित तौर पर घटिया और अमानक सामग्री का इस्तेमाल किए जाने पर नाराजगी जताई है।
ग्रामीणों का कहना है कि सड़क के आधार को मजबूत बनाने के लिए नियमानुसार पर्याप्त मात्रा में पत्थर और गिट्टी (मेटल) का इस्तेमाल किया जाना चाहिए, लेकिन आरोप है कि इसके बजाय मिट्टी डालकर ही काम पूरा करने की कोशिश की जा रही है। ग्रामीणों ने आशंका जताई है कि मिट्टी के ऊपर ही डामरीकरण किए जाने की तैयारी है, जिससे सड़क की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि यदि निर्माण कार्य में निर्धारित मानकों की इसी तरह अनदेखी की गई, तो भारी वाहनों की आवाजाही के चलते सड़क कुछ ही दिनों में उखड़ सकती है और क्षतिग्रस्त हो सकती है। इससे जहां सरकारी धन की बर्बादी होने की आशंका है, वहीं सड़क पर गड्ढे होने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। साथ ही, दुर्घटनाओं का खतरा भी बढ़ सकता है।
सड़क निर्माण में कथित अनियमितताओं को लेकर क्षेत्रीय ग्रामीणों में नाराजगी है। लोगों ने संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए निर्माण कार्य की गुणवत्ता की जांच कराने की मांग की है।
अब सवाल यह है कि क्या लोक निर्माण विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी निर्माण कार्य की निष्पक्ष जांच कराएंगे? क्या जिम्मेदार अधिकारी मौके पर पहुंचकर निर्माण सामग्री के नमूने लेकर उनकी गुणवत्ता की जांच करेंगे? या फिर निर्माण कार्य में कथित अनियमितताओं को नजरअंदाज किया जाता रहेगा?
फिलहाल, क्षेत्रीय ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन और संबंधित विभाग पर टिकी हैं। अब देखना होगा कि जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप कराने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।
