अतीश दीपंकर, ब्यूरो चीफ, पटना (बिहार), NIT:

भागलपुर जिले में सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों की सुविधाओं और हर घर नल-जल योजना की वास्तविक स्थिति का आकलन करने के लिए जिला प्रशासन ने जांच के निर्देश दिए हैं। इसके तहत 28 और 29 अक्टूबर 2026 को विभिन्न पंचायतों में संबंधित पदाधिकारियों द्वारा स्थलीय निरीक्षण किया जाएगा। निरीक्षण के बाद सभी अधिकारियों को 30 अक्टूबर तक जांच प्रतिवेदन सौंपना होगा।
जिला ग्रामीण विकास अभिकरण (डीआरडीए), भागलपुर की ओर से जारी निर्देश के अनुसार, जांच का उद्देश्य स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं, स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति और नल-जल योजनाओं की क्रियाशीलता का आकलन करना है। अधिकारियों को निर्देश दिया गया है कि वे केवल कागजी आंकड़ों पर निर्भर रहने के बजाय मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति की जांच करें, ताकि कमियों की पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जा सके।
निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य केंद्रों में उपलब्ध सुविधाओं और आम लोगों को दी जा रही स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति का जायजा लिया जाएगा। इसके साथ ही पंचायतों में संचालित नल-जल योजनाओं की कार्यशीलता और पेयजल आपूर्ति की वर्तमान स्थिति की भी जांच होगी। इससे यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि सरकारी योजनाओं का लाभ लोगों तक किस हद तक पहुंच रहा है और किन क्षेत्रों में सुधार की आवश्यकता है।
निर्देश के मुताबिक, जांच पदाधिकारियों को अपने आवंटित पंचायतों में निर्धारित तिथियों पर निरीक्षण पूरा कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करनी होगी। जांच कार्य में सहयोग के लिए संबंधित पंचायतों के पंचायत तकनीकी सहायकों को भी संबद्ध करने का निर्देश दिया गया है।
सभी जांच प्रतिवेदन 30 अक्टूबर 2026 तक संबंधित प्रखंड विकास पदाधिकारी (बीडीओ) के माध्यम से जिला ग्रामीण विकास अभिकरण, भागलपुर को उपलब्ध कराने होंगे। वहीं, सभी बीडीओ को अपने-अपने प्रखंड की रिपोर्ट संकलित कर समेकित प्रतिवेदन निर्धारित समय-सीमा के भीतर डीआरडीए को भेजने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
इसके अलावा, सभी प्रखंडों के वरीय प्रभारी पदाधिकारियों को निरीक्षण कार्य की निगरानी करने और समय पर जांच पूरी कराने के निर्देश दिए गए हैं। जिला प्रशासन ने पूरी प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से संपन्न करने पर जोर दिया है।
प्रशासन की इस पहल से स्वास्थ्य केंद्रों की सुविधाओं और पेयजल योजनाओं की जमीनी स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है। जांच रिपोर्ट के आधार पर सामने आने वाली कमियों को दूर करने के लिए आगे की कार्रवाई की जा सकेगी, जिससे आम लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं और स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने की दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा सकेंगे।
