वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:
कस्बे में ऑटो और ई-रिक्शा की बढ़ती संख्या के बीच यातायात व्यवस्था प्रभावित हो रही है। मुख्य चौराहे से लेकर जिला मुख्यालय मार्ग और मढ़िया घाट चौराहे तक बेतरतीब खड़े वाहन आवागमन में बाधा बन रहे हैं। सड़क पर ही ऑटो खड़े करके सवारियों को बैठाने और उतारने से जाम की स्थिति पैदा हो जाती है, जिससे राहगीरों और अन्य वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। वहीं, सड़क पर अचानक वाहन रोकने से दुर्घटनाओं की आशंका भी बनी रहती है।
कस्बे के व्यस्त मार्गों पर ऑटो संचालन को व्यवस्थित करने की जरूरत महसूस की जा रही है। स्थानीय स्तर पर कुछ चालकों के व्यवहार को लेकर भी शिकायतें सामने आ रही हैं। आरोप है कि कुछ चालक राहगीरों से बार-बार ऑटो में बैठने के लिए कहते हैं और मना करने पर अभद्रता करते हैं। वहीं, किराये और जल्दी चलने को लेकर सवारियों से कहासुनी की शिकायतें भी सामने आती हैं।
सड़कें आवागमन के लिए हैं, ऑटो स्टैंड के लिए नहीं!
मुख्य चौराहे और जिला मुख्यालय मार्ग जैसे व्यस्त स्थानों पर यदि ऑटो बेतरतीब खड़े रहेंगे, तो यातायात सुचारु कैसे होगा? मढ़िया घाट चौराहे सहित अन्य प्रमुख स्थानों पर भी ऑटो संचालन के लिए व्यवस्थित व्यवस्था की जरूरत है। सड़क पर वाहनों का जमावड़ा न केवल जाम की समस्या बढ़ाता है, बल्कि पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों के लिए भी परेशानी पैदा करता है।
प्रशासन करे ठोस कार्रवाई, तय हों नियम
कस्बे की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिए संबंधित प्रशासन और यातायात पुलिस को तत्काल प्रभावी कदम उठाने चाहिए। प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों पर नियमित निगरानी की जाए तथा यातायात बाधित करने वाले वाहनों के खिलाफ नियमानुसार चालान और कार्रवाई की जाए। ऑटो और ई-रिक्शा के लिए निर्धारित रूट, अधिकृत स्टैंड और निर्धारित क्षमता के अनुसार सवारियां बैठाने की व्यवस्था सुनिश्चित की जानी चाहिए। किराये को लेकर भी स्पष्ट और पारदर्शी व्यवस्था होनी चाहिए।
सवाल यह है कि मुख्य चौराहे, जिला मुख्यालय मार्ग और मढ़िया घाट चौराहे पर यातायात व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए जिम्मेदार अधिकारी कब ठोस कदम उठाएंगे? मैगलगंज के लोगों को केवल आश्वासन नहीं, बल्कि जाम से राहत दिलाने वाली प्रभावी कार्रवाई चाहिए। समय रहते व्यवस्था नहीं सुधारी गई, तो बढ़ती अव्यवस्था आम जनता के लिए और बड़ी मुसीबत बन सकती है।
