मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

जुन्नारदेव के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय से दो विद्यार्थियों के अचानक दीवार फांदकर लापता होने की घटना से हड़कंप मच गया। इस घटना ने एक बार फिर आवासीय विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, जुन्नारदेव पुलिस की त्वरित कार्रवाई और साइबर सेल की मदद से दोनों विद्यार्थियों को महज कुछ ही घंटों के भीतर सकुशल खोज निकाला गया।
क्या है पूरा मामला?
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एकलव्य विद्यालय के दो विद्यार्थी अचानक परिसर की दीवार फांदकर लापता हो गए। जैसे ही विद्यालय प्रबंधन को बच्चों के गायब होने की जानकारी मिली, परिसर में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल पुलिस प्रशासन को सूचना दी गई।
एसडीओपी सोनम पाटिल के मार्गदर्शन में पुलिस की त्वरित कार्रवाई
मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए एसडीओपी सोनम पाटिल के मार्गदर्शन में पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हुई। नवेगांव थाना प्रभारी राजन उईके, उपनिरीक्षक मुकेश डोंगरे, प्रधान आरक्षक जयप्रकाश, आरक्षक संतोष धुर्वे तथा साइबर सेल की संयुक्त टीम ने दोनों विद्यार्थियों की तलाश शुरू की।
ट्रेन से छिंदवाड़ा पहुंचे थे विद्यार्थी
जांच में सामने आया कि दोनों विद्यार्थी सुबह की ट्रेन में सवार होकर छिंदवाड़ा रेलवे स्टेशन पहुंचे थे। दिनभर छिंदवाड़ा में घूमने के बाद वे पातालकोट एक्सप्रेस से नवेगांव की ओर लौट रहे थे। पुलिस टीम ने साइबर सेल की मदद से उनकी लोकेशन का पता लगाया और नवेगांव स्टेशन के पास दोनों विद्यार्थियों को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया।
परिजनों के सुपुर्द किए गए विद्यार्थी
दोनों विद्यार्थियों को सुरक्षित खोजने के बाद पुलिस ने उनके माता-पिता और अभिभावकों को थाने बुलाया। वहां पुलिस अधिकारियों ने बच्चों और उनके परिजनों की काउंसलिंग कर उन्हें समझाइश दी। इसके बाद दोनों विद्यार्थियों को सुरक्षित उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया।
बार-बार बच्चों के लापता होने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल
इस घटना के बाद एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था और बाउंड्रीवॉल की निगरानी को लेकर पालक संघ एवं स्थानीय लोगों में चिंता देखी जा रही है। लोगों का कहना है कि आवासीय विद्यालय में बच्चों की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम होने चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
बताया जा रहा है कि विद्यालय से बच्चों के अचानक लापता होने की यह पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी यहां से बच्चों के लापता होने के मामले सामने आ चुके हैं। इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। बार-बार ऐसी घटनाएं सामने आने से विद्यालय की सुरक्षा व्यवस्था में संभावित खामियों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।
