नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

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किसी भी संगठन के संस्था को रैली निकालने का अधिकार है अब यहां से जाओ वहां से जाओ ये बोलने वाले आप कौन होते हो इस प्रकार की हिमाकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा आप होते कौन हो RSS की रैली को रोकने वाले किसने कहा आपको ये सब करने के लिए यह बयान है गृह मंत्रालय के मातहत काम करने वाले आपदा प्रबंधन विभाग के प्रमुख और नासिक के प्रभारी मंत्री गिरीश महाजन का। जलगांव के किनगांव में RSS रूट मार्च को नागरिकों द्वारा विरोध किए जाने की घटना के बाद प्रतिक्रिया देते हुए गिरीश महाजन भड़क गए।

RSS की रैली रोकने की किसी की हिम्मत कैसे हो सकती है : गिरीश महाजन | New India Times

मंत्री जी ने कहा कि पुलिस आरोपियों से सख्ती से निपटेगी। विजयादशमी के दिन यावल के किनगांव में नागरिकों ने धार्मिक स्थल की निजता का हवाला दे कर RSS के रूट मार्च का विरोध किया था। इसी बीच जमावड़े के ऊपर अज्ञात लोगों की ओर से पत्थर चले पुलिस ने लाठी चार्ज किया। रूट मार्च को पुलिस संरक्षण में तय रूट से संपन्न कराया गया। विजया दशमी के दिन RSS के स्थापना दिवस पर देश के हज़ारो शहरों में RSS के स्वयंसेवक वर्दी में पथ संचलन करते हैं।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर वायरल जानकारी में दावा किया गया है कि देश के कई इलाकों में लोगों ने वोट चोरी के आरोप को लेकर संघ के रूट मार्च का लोकतांत्रिक तरीके से विरोध किया है। किनगांव के मामले में जिलाधिकारी रोहन घुगे ने प्रशासन की तरफ से कोई बयान जारी नहीं किया है। जब कि किसी भी किस्म के धार्मिक सांस्कृतिक गतिविधियों के लिए रूट निर्धारित करने और कानून व्यवस्था बरकरार रखने का अंतिम अधिकार जिलाधीश का होता है।

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