वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:
एक तरफ केंद्र और प्रदेश सरकारें सीमावर्ती क्षेत्रों तथा ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास के लिए करोड़ों रुपये के बजट का दावा कर रही हैं, वहीं दूसरी तरफ लखीमपुर खीरी जिले में भारत-नेपाल सीमा से सटे तिकुनिया से बनवीरपुर तक जाने वाले मार्ग (लंबाई लगभग 2230 मीटर) की बदहाली इन दावों पर सवाल खड़े कर रही है। कागजों में विकास की तस्वीर बेहतर दिखाई जा रही है, जबकि हकीकत में यह सड़क पिछले कई वर्षों से बदहाल है।
हादसों को न्योता दे रहे जानलेवा गड्ढे
सामरिक और व्यापारिक दृष्टि से महत्वपूर्ण यह मार्ग आज राहगीरों के लिए परेशानी का कारण बन चुका है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ा रहे हैं। बारिश के दौरान पूरी सड़क दलदल में तब्दील हो जाती है। नेपाल सीमा तक पहुंचने का प्रमुख मार्ग होने के बावजूद इसकी उपेक्षा क्षेत्रीय विकास और आवागमन की सुरक्षा के लिहाज से चिंता का विषय बनी हुई है।
ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र से जनप्रतिनिधि सांसद से लेकर केंद्रीय गृह राज्य मंत्री तक बन चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद सड़क की हालत में सुधार नहीं हुआ है। मार्ग आज भी अपनी बदहाली पर आंसू बहा रहा है।
जिला पंचायत और पीडब्ल्यूडी के बीच फंसा मामला
यह मार्ग अब तक संबंधित विभागों के बीच समन्वय की कमी का शिकार बना हुआ है। जिला पंचायत के अपर मुख्य अधिकारी के अनुसार, शासन के पत्र संख्या 23-2099/198/2023-2 (दिनांक 2 जनवरी 2024) के तहत इस 2230 मीटर लंबे मार्ग का हस्तांतरण लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), लखीमपुर खीरी के निर्माण खंड-1 के अधिशासी अभियंता को किया जा चुका है। इसके बाद मार्ग के चौड़ीकरण और मरम्मत की जिम्मेदारी पीडब्ल्यूडी की बताई जा रही है।
वहीं, पीडब्ल्यूडी के अधिशासी अभियंता अनिल यादव ने मामले की जानकारी न होने की बात कहते हुए प्रकरण की जांच करवाने का आश्वासन दिया। दूसरी ओर, विभाग के जेई आर.के. नागर का कहना है कि सड़क के हस्तांतरण की प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है। दोनों विभागों के बयानों के बीच स्थिति स्पष्ट नहीं हो पा रही है, जिसका खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
जल्द निर्माण नहीं हुआ तो आंदोलन की चेतावनी
सड़क की लगातार अनदेखी से नाराज ग्रामीणों जगदीश, योगेश, रामकिशोर, राजेश आदि ने शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि यदि तिकुनिया-बनवीरपुर मार्ग के चौड़ीकरण और नवनिर्माण का कार्य जल्द शुरू नहीं कराया गया, तो वे सड़कों पर उतरकर व्यापक जनआंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
