पंकज शर्मा, ब्यूरो चीफ, धार (म.प्र.), NIT:

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में पूरे देश में सिंचाई का क्षेत्र निरंतर बढ़ रहा है। प्रदेश में सरदार सरोवर बांध के बाद विभिन्न परियोजनाओं के माध्यम से धार-झाबुआ क्षेत्र को पर्याप्त जल उपलब्ध हो रहा है। क्षेत्र के किसानों को 2,387.60 करोड़ रुपये से अधिक लागत की नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना की सौगात मिली है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्ष 2002-03 तक केवल साढ़े सात लाख हेक्टेयर भूमि सिंचित थी। वर्ष 2023 तक सिंचाई का रकबा बढ़कर 40 लाख हेक्टेयर हो गया। अब पिछले ढाई वर्षों में हमारी सरकार ने सिंचाई का रकबा 60 लाख हेक्टेयर तक पहुंचाया है। प्रदेश में सिंचाई का रकबा 100 लाख हेक्टेयर करने का लक्ष्य रखा गया है। सूखे खेतों को जब पानी मिलता है, तो किसानों की फसलें सोने जैसी चमकने लगती हैं। राज्य सरकार कृषि, उद्योग सहित प्रत्येक क्षेत्र में काम कर रही है। प्रदेश के किसानों की समृद्धि ही हमारा ध्येय है। किसान कल्याण वर्ष में किसानों के हित में अनेक कार्य किए गए हैं। आज प्रदेश के 16 लाख 70 हजार किसानों के खातों में दीपावली से पहले 317.86 करोड़ रुपये की राशि अंतरित कर उन्हें सौगात दी गई है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि प्रदेश में सड़क, रेल और हवाई सुविधाएं तेजी से बढ़ रही हैं। अब धार को भी रेलवे लाइन की सौगात मिल चुकी है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने धार में अपने जन्मदिन पर पीएम मित्र पार्क की बड़ी सौगात दी। इस परियोजना से निमाड़-मालवा क्षेत्र के लगभग 6 लाख कपास उत्पादक किसानों को लाभ मिलेगा। अब एक ही स्थान पर कपास से धागा, धागे से कपड़ा और कपड़े से रेडीमेड गारमेंट्स तैयार किए जाएंगे। यहां के धागे से निर्मित वस्त्रों का निर्यात भी होगा। पीएम मित्र पार्क से प्रदेश के 3 लाख लोगों को रोजगार के अवसर उपलब्ध होंगे। अब धार-झाबुआ के युवा, किसान और महिलाएं पलायन करने को विवश नहीं होंगे।

नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना से धार और झाबुआ जिलों के 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी तथा करीब 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि अमका-झमका माता के स्थान को श्रीकृष्ण पाथेय योजना में शामिल कर तीर्थस्थल के रूप में विकसित किया जा रहा है। मान्यता है कि धार जिले के इसी स्थान पर भगवान श्रीकृष्ण ने माता रुक्मिणी से विवाह किया था। उन्होंने कहा कि हमारी सरकार सबका साथ, सबका विकास के मूल मंत्र के साथ आगे बढ़ रही है। आज धार जिले को करीब 2,400 करोड़ रुपये की सौगात मिली है। इसमें माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के अलावा 25 करोड़ रुपये की लागत से बने चार पुलों, 15 करोड़ रुपये के विद्यालय भवनों और 50 बिस्तरों वाले अस्पताल सहित अन्य विकास कार्यों का लोकार्पण भी शामिल है। साथ ही 188 करोड़ रुपये के 35 नए कार्यों का भूमिपूजन किया जा रहा है। इनमें कन्या विद्यालय भवन, आईटीआई भवन और अमका-झमका माता मंदिर के लिए 3 करोड़ रुपये की लागत से होने वाले विकास कार्य भी शामिल हैं। सिंचाई परियोजनाओं से जो गांव छूट गए हैं, उन्हें भी जोड़ा जाएगा। धार को जल्द ही मेडिकल कॉलेज की सौगात मिलेगी। यहां के भगोरिया पर्व को राष्ट्रीय उत्सव का दर्जा दिया गया है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि किसानों और लाड़ली बहनों के खातों में राशि लगातार अंतरित होती रहेगी। किसान कल्याण वर्ष में किसानों को लगातार सौगातें मिल रही हैं। प्रदेश में दूध उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए नई योजना शुरू की गई है। किसान 25 गाय-भैंस खरीदकर डेयरी शुरू करता है, तो सरकार की ओर से उसे 10 लाख रुपये का अनुदान दिया जाएगा। दूध उत्पादन बढ़ने से किसानों के जीवन में सुख-समृद्धि आएगी।

राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री सुगम परिवहन बस सेवा की शुरुआत की है। इससे त्योहार के मौसम में ग्रामीण क्षेत्रों की जनता को भी लाभ मिलेगा। राज्य सरकार ने स्वामित्व योजना के अंतर्गत 50 लाख मकानों की नि:शुल्क रजिस्ट्री कराने का संकल्प लिया है। इससे गांवों में रहने वाले लोगों को अपने मकान और भूमि की पक्की रजिस्ट्री मिलेगी तथा वे बैंकों या अन्य एजेंसियों से ऋण लेने के पात्र बन सकेंगे।

केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश की डबल इंजन सरकार महिला सशक्तिकरण, युवाओं के कौशल विकास सहित हर क्षेत्र में कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के प्रयासों से प्रदेश में औद्योगिक निवेश तेजी से आ रहा है। धार जिले में इस वर्ष कम बारिश हुई है। ऐसी परिस्थिति में माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना महत्वपूर्ण साबित होगी।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी ने गरीबों के जनधन बैंक खाते खुलवाए। अब लाभार्थियों को योजनाओं की राशि सीधे बैंक खातों में मिलती है। इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आई है और भ्रष्टाचार पर अंकुश लगा है। केंद्रीय राज्यमंत्री श्रीमती ठाकुर ने धार के ग्रामीण क्षेत्रों में नए डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए मुख्यमंत्री डॉ. यादव का आभार व्यक्त किया।

नगरीय विकास एवं आवास मंत्री तथा धार जिले के प्रभारी मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने प्रदेश की 100 लाख हेक्टेयर भूमि को सिंचित करने का संकल्प लिया है। आज माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के माध्यम से क्षेत्र के करीब 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे। उन्होंने कहा कि इस परियोजना को तत्कालीन सरकार ने असंभव करार दिया था। प्रधानमंत्री श्री मोदी देश के गरीबों और जरूरतमंदों को नि:शुल्क राशन उपलब्ध करा रहे हैं।

महिला एवं बाल विकास मंत्री सुश्री निर्मला भूरिया ने कहा कि माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के लोकार्पण से धार और झाबुआ जिले के संबंधित क्षेत्रों को सिंचाई के लिए मां नर्मदा का जल मिलेगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश का समग्र विकास हो रहा है। पुलिस, शिक्षा तथा महिला एवं बाल विकास विभाग में नई भर्तियां की गई हैं। प्रदेश में स्कूलों और आंगनवाड़ियों के नए भवन भी बनाए जा रहे हैं।

लोकार्पित परियोजना एक नजर में

नर्मदा-झाबुआ-पेटलावद-थांदला-सरदारपुर माइक्रो उद्वहन सिंचाई परियोजना के तहत मां नर्मदा का जल माही नदी में छोड़ा जाएगा। परियोजना के अंतर्गत धार जिले के 66 गांवों की 25,422 हेक्टेयर भूमि तथा झाबुआ जिले के 194 गांवों की 32,000 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। इससे लगभग 72 हजार किसान लाभान्वित होंगे।

परियोजना के तहत झाबुआ जिले की झाबुआ तहसील के 108 गांवों की 17,802 हेक्टेयर, पेटलावद तहसील के 6 गांवों की 1,502 हेक्टेयर, मेघनगर तहसील के 28 गांवों की 5,504 हेक्टेयर, थांदला तहसील के 39 गांवों की 5,927 हेक्टेयर, रामा तहसील के 12 गांवों की 1,185 हेक्टेयर तथा राणापुर तहसील के एक गांव की 80 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई का लाभ मिलेगा। वहीं, धार जिले की सरदारपुर तहसील के 66 गांवों की 25,422 हेक्टेयर भूमि सिंचित होगी। इस प्रकार कुल 260 गांवों की 57,422 हेक्टेयर भूमि को सिंचाई सुविधा मिलेगी।

परियोजना के अंतर्गत धार जिले की कुक्षी तहसील के ग्राम चंदनखेड़ी में नर्मदा नदी से 186.62 एमसीएम जल का उद्वहन प्रस्तावित है। परियोजना में 102.30 मेगावाट बिजली की खपत होगी। भूमिगत पाइप नहर प्रणाली के माध्यम से 2.5 हेक्टेयर के चक तक 20 मीटर दबावयुक्त जल उपलब्ध कराया जाएगा। इसके बाद किसान स्प्रिंकलर या ड्रिप प्रणाली लगाकर सिंचाई कर सकेंगे।

इस पद्धति से सिंचाई की सुविधा मिलने पर किसानों को खेत समतल करने की आवश्यकता नहीं होगी। कम पानी में अधिक उपयोगी सिंचाई के साथ कृषि उत्पादन बढ़ाने में भी मदद मिलेगी।

कार्यक्रम में नगरीय विकास एवं आवास मंत्री श्री कैलाश विजयवर्गीय, केंद्रीय महिला एवं बाल विकास राज्यमंत्री श्रीमती सावित्री ठाकुर, सांसद श्रीमती अनीता नागर सिंह चौहान, विधायक श्रीमती नीना वर्मा, पूर्व मंत्री श्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव, विधायक श्री प्रताप ग्रेवाल, पूर्व विधायक श्री वेलसिंह भूरिया, पूर्व विधायक सुश्री रंजना बघेल, पूर्व विधायक श्री कलसिंह भाबर, श्री कालू सिंह ठाकुर, श्री नीलेश भारती, श्री चंचल पाटीदार, जिला पंचायत अध्यक्ष श्री सरदार सिंह मेडा, श्री रणवीर सिंह सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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