नीरज शर्मा, लालगंज/मिर्ज़ापुर (यूपी), NIT:

मिर्जापुर जनपद के लालगंज विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रामपुर वासितदली में विकास कार्यों को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि केंद्र और प्रदेश सरकार की ओर से गांवों के विकास के लिए विभिन्न योजनाएं संचालित किए जाने के बावजूद पंचायत में कई बुनियादी सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। सड़क, पेयजल, हैंडपंप, कुआं-जगत, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छ भारत मिशन के तहत शौचालय, प्रधानमंत्री आवास योजना और मनरेगा के कार्यों को लेकर ग्रामीणों ने जांच की मांग उठाई है।
ग्रामीणों का कहना है कि ग्राम पंचायत में वर्षों से विकास योजनाओं के तहत धनराशि खर्च किए जाने की बात सामने आती रही है, लेकिन कई कार्यों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट नहीं है। उनका आरोप है कि सरकारी अभिलेखों में पूर्ण दर्शाए गए कार्यों का मौके पर सत्यापन कराया जाना चाहिए, ताकि यह पता चल सके कि योजनाओं का लाभ वास्तव में ग्रामीणों तक पहुंचा है या नहीं।
ग्रामीणों के अनुसार, सड़क निर्माण, पेयजल व्यवस्था, हैंडपंपों की स्थापना और मरम्मत, कुआं-जगत निर्माण, स्ट्रीट लाइट, शौचालय, आवास तथा मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों की जांच आवश्यक है। उनका कहना है कि यदि किसी कार्य को सरकारी रिकॉर्ड में पूर्ण दर्शाया गया है, तो मौके पर उसकी मौजूदगी और गुणवत्ता की भी पुष्टि होनी चाहिए।
सरकारी अभिलेखों और जमीनी हकीकत का हो मिलान
ग्रामीणों ने मांग की है कि पंचायत में पिछले वर्षों के दौरान स्वीकृत परियोजनाओं, जारी धनराशि, भुगतान विवरण, तकनीकी अभिलेखों और कार्यों की वास्तविक स्थिति का मिलान कराया जाए। मनरेगा के तहत कराए गए कार्यों में मजदूरी और सामग्री पर हुए खर्च का भी सत्यापन किया जाना चाहिए। इसी तरह आवास और शौचालय योजनाओं के लाभार्थियों की स्थिति तथा पेयजल सुविधाओं की उपलब्धता की जांच कराई जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि जांच में किसी कार्य में अनियमितता या सरकारी धन के दुरुपयोग की पुष्टि होती है, तो संबंधित जिम्मेदार लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, यदि सभी कार्य नियमानुसार पूरे हुए हैं, तो उनके अभिलेख और भौतिक सत्यापन के प्रमाण सार्वजनिक किए जाने चाहिए।
अधिकारियों की भूमिका की जांच की भी मांग
विकास कार्यों की स्वीकृति, तकनीकी परीक्षण, निगरानी, माप और भुगतान की प्रक्रिया में संबंधित विभागीय अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भी भूमिका होती है। ऐसे में ग्रामीणों की मांग है कि जांच केवल ग्राम पंचायत तक सीमित न रखी जाए, बल्कि संबंधित अधिकारियों और निगरानी तंत्र की भूमिका की भी पड़ताल हो।
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन और लालगंज विकासखंड के अधिकारियों से पंचायत के पिछले कई वर्षों के विकास कार्यों की कार्यवार सूची सार्वजनिक करने की मांग की है। इसमें प्रत्येक कार्य का स्थान, स्वीकृत धनराशि, खर्च की गई राशि, कार्य प्रारंभ होने और पूर्ण होने की तिथि तथा वर्तमान भौतिक स्थिति का विवरण शामिल करने की मांग की गई है।
निष्पक्ष जांच से स्पष्ट होगी वास्तविक स्थिति
रामपुर वासितदली में विकास कार्यों को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब निष्पक्ष जांच और सरकारी अभिलेखों के सत्यापन से ही सामने आ सकता है। ग्रामीणों की मांग है कि उच्चस्तरीय टीम गठित कर पंचायत में कराए गए विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और जांच रिपोर्ट सार्वजनिक की जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति विशेष पर आरोप लगाना नहीं, बल्कि गांव के विकास और सरकारी धन के पारदर्शी उपयोग को सुनिश्चित करना है। अब सवाल यह है कि प्रशासन ग्रामीणों की शिकायतों पर क्या कदम उठाता है और पंचायत में पिछले वर्षों के दौरान हुए विकास कार्यों की वास्तविक स्थिति सामने लाने के लिए कब जांच कराता है।
