मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

मस्जिद आयशा जुन्नारदेव में एक दिवसीय दीनी प्रोग्राम का आयोजन, अच्छे कर्म और शिक्षा पर दिया ज़ोर | New India Times

जुन्नारदेव स्थित मस्जिद आयशा में एक दिवसीय तकरीर का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता डॉ. मौलाना तारिक सफीउर रहमान मुबारकपुरी मदनी ने अपनी तकरीर में मुस्लिम समाज को नेक अमल करने और कुरआन शरीफ की शिक्षाओं पर चलने की सीख दी।
उन्होंने कहा कि कुरआन शरीफ में ईमान वालों को स्वयं और अपने परिवार को जहन्नुम की आग से बचाने की हिदायत दी गई है। प्रत्येक मुसलमान को अच्छे कर्म करने चाहिए और ऐसे कार्यों से बचना चाहिए, जो उसे गलत रास्ते पर ले जाएं। उन्होंने कहा कि जहन्नुम का ईंधन इंसान और पत्थर होंगे, इसलिए हर मुसलमान को अपने आचरण में सुधार करते हुए नेक अमल करने का प्रयास करना चाहिए।
कार्यक्रम की अध्यक्षता मरकजी जमीयत अहले हदीस के कोषाध्यक्ष वकील परवेज नागपुर ने की। अपने अध्यक्षीय संबोधन में उन्होंने बताया कि मरकजी जमीयत अहले हदीस हिंद की स्थापना वर्ष 1915 में हुई थी। उन्होंने कहा कि जमीयत कुरआन शरीफ की शिक्षाओं और पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब के निर्देशों के पालन पर जोर देती है।

वकील परवेज ने मुस्लिम समाज में शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चों को सामान्य शिक्षा के साथ-साथ धार्मिक शिक्षा भी समान रूप से प्राप्त करनी चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से लड़कियों को शिक्षित करने पर जोर दिया और कहा कि समाज की तरक्की के लिए बेटियों की शिक्षा बेहद जरूरी है।
कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष मौलाना मोहम्मद सादिक, मौलाना मोहम्मद आबिद असरी, मौलाना मोहम्मद आदिल, मौलाना नासिर, मौलाना तौसिफ, हाफिज फारूक, हाफिज अनस, हाजी नूर खान, अब्दुल रऊफ, ऐजाज खान, मोहम्मद ताहिर, हाजी मोहम्मद रफी, हाजी मोहम्मद शहीद, सैयद गौहर जमाल शाह, जामा मस्जिद के सदर नाजिम खान, अफरोज आलम, रफीक खान, इनायतुल्लाह, युसुफ तबरेज, मोहम्मद तोकीर, मोहम्मद आकिब, मोहम्मद इसराइल, मोहम्मद तौहीद और फैसल सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित रहे।

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