नरेन्द्र कुमार, ब्यूरो चीफ़, जलगांव (महाराष्ट्र), NIT:

विपक्ष के कई विधायक सांसद सुखे का जायज़ा लेने जलगांव में आ रहे हैं लेकिन विपक्ष का कोई नेता जामनेर ब्लॉक में क्यों नहीं आ रहा है? , विपक्ष मंत्री गिरीश महाजन से डरता है ? पच्चीस साल के अविनाश बोरसे के इस सवाल ने महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल के चेहरे का रंग बदल दिया। अकाल की समीक्षा करने जलगांव पहुंचे हर्षवर्धन ने जामनेर से दूरी बनाई। अविनाश ने बताया बीते दो महीने में जामनेर ब्लॉक में 17 Gen Z ने आत्महत्या की है।

ब्लॉक में बेरोज़गारी चरम पर है , अविनाश ने सपकाल को ज्ञापन दे कर मांग की है कि तमाम स्कूली बच्चों के लिए सरकारी बस का किराया माफ़ कर दिया जाए। ज्ञात हो कि 1999 में विधानसभा का दूसरा चुनाव हारने के बाद ईश्वर जैन के राजनीत से दूर हो गए। कांग्रेस NCP के प्रदेश स्तरीय नेताओं ने कभी भी जामनेर की सुध नहीं ली और विपक्ष ने हि इस सीट को बीजेपी का अभेद्य किला बना दिया।
नगर परिषद के पास बजट नहीं है : जावेद मुल्लाजी
महाराष्ट्र की सबसे विकसित जामनेर नगर परिषद के तिजोरी को लेकर विपक्ष ने बजट नहीं होने का गंभीर आरोप लगाया है। राष्ट्रवादी कांग्रेस से सदन में नेता जनता जावेद इकबाल अब्दुल रशीद मुल्लाजी ने बताया कि जनरल मीटिंग में मंजूर प्रस्ताव एक साल में दूसरी बार रिपीट किए गए हैं। 19 कामों के लिए ठेकेदार को मियाद पर मियाद बढ़ाकर मिल रही है। पिछले एक साल से शहर में एक नया काम दिखाई नहीं देता। जावेद ने कहा कि नगर परिषद के पास शायद बजट हि नहीं है। निगम की इमारत के पीछे का नाला देख लीजिए इन लोगों का सेवा का संकल्प कितना मजबूत है आपको पता चल जाएगा।
मुस्लिम रिहायशी वार्ड्स में बदइंतजामी इस कद्र है कि भूमिगत लीकेज के कारण टैक्स पेयर्स को गंदा पानी पीना पड़ रहा है। खबर लिखने तक बीजेपी की ओर से जावेद के आरोपों का कोई खंडन नहीं आया है। देवेन्द्र फड़नवीस के भरोसेमंद गिरीश महाजन की पत्नी साधना महाजन जामनेर नगर परिषद में मेयर हैं। सदन में विपक्ष के चार पार्षद हैं , विपक्ष की ओर से 09 वार्ड्स सीट समेत मेयर सीट कथित रूप से सरेंडर नहीं की जाती तो नतीजा कुछ और होता। जामनेर में विकास को लेकर किए गए प्रोपगेंडा के सच को डीजे के शोर में दबा दिया गया है।
