फैज़ान खान, गुरुग्राम/नई दिल्ली, NIT:

भीमसेना प्रमुख सतपाल तंवर हाउस अरेस्ट, दिल्ली जाने से रोका; पीएम मोदी के इस्तीफे की मांग का ऐलान | New India Times

भीमसेना एवं संविधान सुरक्षा पार्टी (एसएसपी) के संस्थापक और राष्ट्रीय अध्यक्ष नवाब सतपाल तंवर को शनिवार सुबह गुरुग्राम के खांडसा स्थित उनके पैतृक आवास पर पुलिस ने हाउस अरेस्ट कर लिया। तंवर दिल्ली में प्रदर्शन करने के लिए जाने की तैयारी में थे। पुलिस ने उन्हें सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए दिल्ली जाने से रोक दिया। इस कार्रवाई के बाद तंवर ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए इसे संवैधानिक और मौलिक अधिकारों का हनन बताया तथा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन तेज़ करने की घोषणा की।

शांतिपूर्ण प्रदर्शन की अनुमति नहीं मिलने का आरोप
नजरबंद किए जाने के बाद नवाब सतपाल तंवर ने आरोप लगाया कि भीमसेना ने दिल्ली पुलिस से शांतिपूर्ण प्रदर्शन की विधिवत अनुमति मांगी थी, लेकिन अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि सरकार उनकी आवाज दबाने का प्रयास कर रही है, लेकिन संगठन पीछे हटने वाला नहीं है। तंवर ने कहा कि हाउस अरेस्ट करके उनके संवैधानिक और मौलिक अधिकारों को कुचला जा रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यह आंदोलन की शुरुआत है और अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर आंदोलन और तेज किया जाएगा।

सुरक्षा खतरे का हवाला दे रही पुलिस
पुलिस के अनुसार, सतपाल तंवर के समर्थकों और काफिले के साथ दिल्ली कूच करने की सूचना मिलने के बाद सुरक्षा व्यवस्था कड़ी की गई। इसके बाद सेक्टर-37 थाने की पुलिस टीम उनके खांडसा स्थित आवास पर पहुंची और उन्हें नजरबंद कर दिया।
मौके पर मौजूद थाना प्रभारी मंजीत कुमार ने बताया कि खुफिया इनपुट के आधार पर सतपाल तंवर की सुरक्षा को लेकर चिंता थी। पुलिस का कहना है कि दिल्ली में भीड़भाड़ के दौरान उनकी जान को खतरा हो सकता है और पूर्व में भी उन पर हमले हो चुके हैं। इसी के मद्देनजर एहतियाती कदम उठाया गया है।
प्रशासन की ओर से गुरुग्राम के सेक्टर-50 स्थित तंवर के फ्लैट पर भी पुलिस बल तैनात किए जाने की जानकारी दी गई है।

समर्थकों में नाराज़गी, आंदोलन तेज़ करने के संकेत
सतपाल तंवर को हाउस अरेस्ट किए जाने के बाद भीमसेना के समर्थकों और कार्यकर्ताओं में नाराजगी की बात सामने आई है। वहीं, पुलिस और प्रशासन सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्क हैं। तंवर ने इस कार्रवाई के विरोध में आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। इस घटनाक्रम के बाद क्षेत्र में राजनीतिक गतिविधियां तेज होने के संकेत हैं।

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