शमसुद्दोहा, ब्यूरो चीफ, गोरखपुर (यूपी), NIT:

वरिष्ठ पेंशनरों की चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिल ऑनलाइन जमा करने की अनिवार्यता से उत्पन्न समस्याओं को लेकर राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद, गोरखपुर की आवश्यक बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता परिषद के अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने की, जबकि संचालन संरक्षक अशोक पांडेय ने किया।
बैठक में अध्यक्ष रूपेश कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि 28 सितंबर को लखनऊ में अपर मुख्य सचिव, वित्त दीपक कुमार की अध्यक्षता में आयोजित पेंशनर सलाहकार समिति की बैठक में चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिल ऑनलाइन के साथ ऑफलाइन जमा करने का विकल्प उपलब्ध कराने पर सकारात्मक सहमति बनी थी। पेंशनरों की व्यावहारिक कठिनाइयों को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के साथ एक सप्ताह के भीतर बैठक कर आवश्यक सुधार करने का आश्वासन भी दिया गया था। इसके बावजूद 8 अक्टूबर को जारी शासनादेश में कर्मचारियों और पेंशनरों, दोनों के लिए चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिल ऑनलाइन जमा करना अनिवार्य कर दिया गया है। इससे वरिष्ठ पेंशनरों में असमंजस और चिंता की स्थिति है।
परिषद के संरक्षक अशोक पांडेय ने मुख्यमंत्री से मांग की कि बुजुर्ग पेंशनरों की सुविधा और सम्मान को ध्यान में रखते हुए चिकित्सा प्रतिपूर्ति के बिल जमा करने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन, दोनों विकल्प उपलब्ध कराए जाएं। उन्होंने कहा कि सरकार को वरिष्ठ नागरिकों की उम्र और उनकी व्यावहारिक समस्याओं को देखते हुए मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए।
परिषद के महामंत्री मदन मुरारी शुक्ल और वरिष्ठ उपाध्यक्ष पंडित श्याम नारायण ने कहा कि सरकारी सेवा में जीवनभर योगदान देने वाले पेंशनरों को जीवन के इस पड़ाव पर चिकित्सा सुविधाओं की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। उम्र संबंधी समस्याओं, शारीरिक अस्वस्थता तथा कंप्यूटर और इंटरनेट के सीमित ज्ञान के कारण कई बुजुर्ग ऑनलाइन प्रक्रिया पूरी करने में असमर्थ हैं। ऐसे में चिकित्सा प्रतिपूर्ति जैसी आवश्यक सुविधा को जटिल प्रक्रिया से जोड़ना उनके लिए अनावश्यक परेशानी का कारण बन सकता है।
परिषद ने सरकार से मांग की कि सेवानिवृत्त एवं वरिष्ठ पेंशनरों को ऑनलाइन बिल जमा करने की अनिवार्यता से मुक्त कर उन्हें दोनों माध्यमों से बिल जमा करने की सुविधा दी जाए। इससे तकनीकी रूप से सक्षम पेंशनर ऑनलाइन प्रक्रिया अपना सकेंगे, जबकि बुजुर्ग और तकनीकी रूप से असमर्थ पेंशनर ऑफलाइन माध्यम से अपने बिल जमा कर सकेंगे।
मंडल अध्यक्ष गोविंद जी और वरिष्ठ उपाध्यक्ष राजेश सिंह ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य जनसुविधाओं को सरल बनाना होना चाहिए, न कि वरिष्ठ नागरिकों के लिए नई कठिनाइयां पैदा करना। उन्होंने सरकार से पेंशनर सलाहकार समिति की बैठक में बनी सहमति के अनुरूप निर्णय पर पुनर्विचार कर संशोधित शासनादेश जारी करने की मांग की।
बैठक में रूपेश कुमार श्रीवास्तव, अशोक पांडेय, गोविंद जी, मदन मुरारी शुक्ल, पंडित श्याम नारायण शुक्ल, राजेश सिंह, राजेश मिश्रा, अनिल द्विवेदी, अनूप कुमार, बंटी श्रीवास्तव, सुभाष पांडेय, इजहार अली, सौरभ, सुबेन्दु, विनीता और सरिता सिंह सहित अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे। सभी ने एक स्वर में कहा कि पेंशनरों को सम्मानजनक जीवन और सरल चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की नैतिक जिम्मेदारी है। परिषद ने उम्मीद जताई कि सरकार बुजुर्ग पेंशनरों की समस्याओं को गंभीरता से लेते हुए उनकी मांग पर शीघ्र सकारात्मक निर्णय लेगी।
