मक़सूद अली, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

ढाणकी रोड स्थित किसान वेल्डिंग वर्क्स में 27 सितंबर को ट्रैक्टर की वेल्डिंग के दौरान जिलेटिन की छड़ों और डेटोनेटर में हुए भीषण विस्फोट में पांच लोगों की मौत तथा आठ लोगों के घायल होने की घटना के बाद जिले में अवैध विस्फोटक सामग्री के भंडारण, परिवहन और इस्तेमाल के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग तेज हो गई है।
मूवमेंट फॉर पीस एंड जस्टिस (एमपीजे) सहित विभिन्न सामाजिक संगठनों ने उपविभागीय अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर विस्फोटक सामग्री ले जाने वाले वाहनों की विशेष जांच कराने की मांग की। संगठनों ने कहा कि ऐसे वाहनों के फिटनेस प्रमाणपत्र, लाइसेंस, पंजीयन, चालक व संबंधित कर्मचारियों के प्रशिक्षण तथा विस्फोटक सामग्री के परिवहन से जुड़े नियमों की कड़ाई से जांच की जानी चाहिए। साथ ही संबंधित विभागों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई।

ज्ञापन में विस्फोट में मृतकों के परिजनों को प्रत्येक 10 लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को प्रत्येक 2 लाख रुपये तथा मामूली रूप से घायल लोगों को 50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की मांग की गई। संगठनों ने कहा कि मृतक अपने परिवारों के आर्थिक आधार थे और उनके निधन से परिजनों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। इसके बावजूद अब तक सरकारी आर्थिक सहायता नहीं मिलने पर उन्होंने चिंता जताई।
इसके अलावा यवतमाल जिले में अवैध रूप से रखे जा रहे विस्फोटक पदार्थों के भंडारण की एसआईटी के माध्यम से जांच कराने तथा जिलाधिकारी के स्तर पर विशेष अभियान चलाकर संदिग्ध वाहनों और विस्फोटक सामग्री की जांच करने की मांग भी की गई।
ज्ञापन सौंपने के दौरान देवानंद मोरे, एडवोकेट अंसार, उत्तम बरबडे, सिराजुल हक, बालाजी वानखेडे, रेखा गायकवाड़, समरीन बाजी, हाफिज मुसेब, अंसार हुसैनी, प्रा. गजानन दामोदर, मोहसिन राज, डॉ. फारूक अबरार, अ. जहीर मंसूरी, तौफिक राज, तसलीम अहमद, सरफराज अली, मुजाहिद खान सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
