आशिफ शाह, ब्यूरो चीफ, भिंड (मप्र), NIT:

गोरमी क्षेत्र में बुवाई का समय नजदीक आते ही खाद की मांग बढ़ गई है। इसी बीच एक सोसायटी में DAP खाद की उपलब्धता और वितरण को लेकर किसानों ने सवाल उठाए हैं। किसानों का आरोप है कि उन्हें निर्धारित व्यवस्था के तहत DAP उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, जबकि कुछ मामलों में बोरी अधिक कीमत पर मिलने की शिकायतें सामने आ रही हैं।
किसानों के अनुसार DAP मांगने पर उन्हें खाद उपलब्ध नहीं होने की बात कहकर NP खाद लेने की सलाह दी जा रही है। वहीं, खाद की आवक को लेकर भी जिम्मेदारों के बयानों में अंतर सामने आने से मामला चर्चा में है। बैंक मैनेजर के अनुसार एक खाद की गाड़ी आई थी, जबकि सोसायटी के सेक्रेटरी रामदास के बारे में बताया जा रहा है कि उन्होंने DAP आने से इनकार किया है।
किसानों का सवाल है कि यदि DAP की गाड़ी आई थी तो उसमें आया खाद कहां गया और उसका वितरण किस आधार पर किया गया। वहीं, यदि DAP की आपूर्ति हुई ही नहीं तो गाड़ी आने की बात किस आधार पर कही गई।
किसानों ने यह भी आरोप लगाया है कि खाद को सरकारी गोदाम में रखने के बजाय अन्य स्थानों पर रखे जाने की चर्चा है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। किसानों का कहना है कि खाद की आवक, स्टॉक और वितरण का रिकॉर्ड सार्वजनिक किया जाना चाहिए, ताकि स्थिति स्पष्ट हो सके।
मामले में स्टॉक रजिस्टर, चालान, बिल, वाहन से संबंधित रिकॉर्ड, गोदाम में उपलब्ध खाद तथा किसानों को किए गए वितरण का मिलान किए जाने की मांग उठ रही है। किसानों का कहना है कि जांच में यदि निर्धारित दर से अधिक कीमत पर बिक्री या खाद को निर्धारित स्थान से अलग रखने की शिकायत सही पाई जाती है तो जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।
बुवाई के समय खाद के लिए किसानों की बढ़ती परेशानी के बीच अब मुख्य सवाल यही है कि यदि DAP की गाड़ी आई थी तो उसका स्टॉक कहां गया और किसानों को खाद क्यों नहीं मिला?
