सुभाष पांडेय, मीरा-भाईंदर/मुंबई (महाराष्ट्र), NIT:

'तरुणाई के गीत' का भव्य लोकार्पण, डॉ. सुधाकर मिश्र ने बताया यौवन के प्रेमालाप का दस्तावेज | New India Times

हिंदी साहित्य जगत के वरिष्ठ कवि, गीतकार एवं साहित्यकार डॉ. सुधाकर मिश्र के सद्य प्रकाशित गीत संग्रह “तरुणाई के गीत” का लोकार्पण मीरा रोड पूर्व स्थित विरुंगला केंद्र के खचाखच भरे सभागार में साहित्यकारों और गणमान्य लोगों की उपस्थिति में संपन्न हुआ। कार्यक्रम में महाराष्ट्र राज्य हिंदी साहित्य अकादमी के पूर्व कार्याध्यक्ष डॉ. शीतलाप्रसाद दुबे, वरिष्ठ कवि हृदयेश मयंक, एमडी कॉलेज के उपप्राचार्य एवं हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. उमेश शुक्ल, डॉ. संतोष कौल काक, डॉ. माधुरी सिंह, पत्रकार राकेश दुबे तथा नीलम प्रकाशन के प्रकाशक अनिल वर्मा मंचासीन रहे।
लोकार्पण के बाद डॉ. सुधाकर मिश्र ने कहा कि “तरुणाई के गीत” में उनकी तरुणाई के समय लिखे गए गीतों को संकलित किया गया है। इन गीतों की रचना कालावधि 1960 से 1973 तक की है। उन्होंने बताया कि परिवार से दूर रहने वाले एक युवक की मनोदशा और भावनात्मक अनुभूतियों की अभिव्यक्ति इन गीतों में हुई है। इसी कारण इन गीतों को “यौवन का प्रेमालाप” कहा जा सकता है।
डॉ. मिश्र हिंदी साहित्य में खंडकाव्य “रामोदय” और महाकाव्य “आदिराज पृथु” के रचयिता हैं। उन्होंने कालिदास रचित मेघदूत का पद्यानुवाद “मेघदूत सुधाकरम्” के रूप में किया है। इसके अलावा हिमाद्रि गर्जन, शांति का सूरज, कुरसी/काव्यत्रयी, सुधाकर शतक, मनीप्लांट और फूल, अग्रदूत सूर्योदय के, मौसम बदलता है तथा अंजुरी भर चांदनी सहित उनकी अनेक कृतियां प्रकाशित हो चुकी हैं। उन्हें विभिन्न साहित्यिक सम्मानों और पुरस्कारों से भी सम्मानित किया जा चुका है।
कार्यक्रम में डॉ. शीतलाप्रसाद दुबे ने विषय प्रवर्तन किया। हृदयेश मयंक, डॉ. उमेश शुक्ल, डॉ. संतोष कौल काक और डॉ. माधुरी सिंह ने “तरुणाई के गीत” पर अपने विचार व्यक्त करते हुए संग्रह की साहित्यिक विशेषताओं पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर डॉ. कृपाशंकर मिश्र, डॉ. हरिप्रसाद राय, रमन मिश्र, राकेश शर्मा, डॉ. अजीत राय, जयशंकर तिवारी, बृजमोहन गुप्ता, मीरा-भायंदर महानगरपालिका परिवहन समिति के अध्यक्ष राजकुमार मिश्र, राजमोहन गुप्ता, महेंद्र मिश्र, आरए सिंह यादव, जटाशंकर पांडेय, बृजेश तिवारी, सुशील कुमार दुबे, सुभाष पांडेय, दीपक खेर, अंजू विष्ट धामी सहित बड़ी संख्या में साहित्यकार, कवि, पत्रकार एवं वरिष्ठ नागरिक उपस्थित रहे।
कार्यक्रम के दौरान रामेश्वर नाथ मिश्र “अनुरोध” के दोहा संग्रह “खरी-खरी मैं कह रहा” का भी लोकार्पण डॉ. सुधाकर मिश्र के हाथों किया गया। कार्यक्रम का संचालन पत्रकार राकेश दुबे ने किया।

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