रामपुरवसीतदली में विकास कार्यों को लेकर उठे सवाल, जांच की मांग; जिला पंचायत राज विभाग की निगरानी व्यवस्था भी सवालों के घेरे में | New India Times

नीरज शर्मा, लालगंज/मिर्ज़ापुर (यूपी), NIT:

रामपुरवसीतदली में विकास कार्यों को लेकर उठे सवाल, जांच की मांग; जिला पंचायत राज विभाग की निगरानी व्यवस्था भी सवालों के घेरे में | New India Times

लालगंज विकासखंड अंतर्गत ग्राम पंचायत रामपुरवसीतदली में विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन को लेकर ग्रामीणों की ओर से सवाल उठाए जा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि ग्राम पंचायत में लंबे समय से विकास कार्यों की अपेक्षित स्थिति नज़र नहीं आ रही है और योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। इन शिकायतों के चलते ग्राम प्रधान हफीज अहमद के कार्यकाल और पंचायत में हुए विकास कार्यों की जांच की मांग उठ रही है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं के तहत पंचायत को धनराशि उपलब्ध कराई गई है, तो उसका उपयोग किन कार्यों में किया गया, कौन-कौन से कार्य स्वीकृत हुए और उनकी वर्तमान स्थिति क्या है, इसकी जानकारी सार्वजनिक की जानी चाहिए। ग्रामीणों ने अभिलेखों के साथ-साथ मौके पर स्थलीय सत्यापन कराने की मांग की है।

पांच वर्ष के कार्यकाल को लेकर भी सवाल
ग्रामीणों के बीच ग्राम प्रधान हफीज अहमद के कार्यकाल को लेकर भी चर्चाएं हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से पंचायत की जिम्मेदारी संभालने के बावजूद विकास कार्यों में अपेक्षित पारदर्शिता दिखाई नहीं दे रही है। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है और किसी व्यक्ति को जांच पूरी होने से पहले दोषी ठहराना उचित नहीं होगा।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत के अभिलेखों में दर्ज विकास कार्यों का भौतिक सत्यापन कराया जाए। यह भी स्पष्ट किया जाए कि किस योजना के तहत कितनी धनराशि स्वीकृत हुई, कितनी राशि खर्च की गई, कार्य कब शुरू और कब पूरा हुआ तथा भुगतान किस आधार पर किया गया।
जिला पंचायत राज विभाग की निगरानी पर भी सवाल
पंचायत स्तर पर होने वाले विकास कार्यों में ग्राम प्रधान के साथ पंचायत सचिव, विकासखंड स्तर के अधिकारियों और जिला पंचायत राज विभाग की निगरानी व्यवस्था भी महत्वपूर्ण होती है। ऐसे में यदि किसी पंचायत में विकास कार्यों, भुगतान, गुणवत्ता या लाभार्थी चयन को लेकर शिकायतें सामने आती हैं तो संबंधित अधिकारियों द्वारा निष्पक्ष जांच कराया जाना जरूरी है।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि पंचायत में सभी कार्य नियमों के अनुरूप हुए हैं तो स्वीकृति, भुगतान और कार्य पूर्णता से संबंधित अभिलेखों तथा स्थलीय सत्यापन से स्थिति स्वतः स्पष्ट हो सकती है। वहीं किसी स्तर पर अनियमितता मिलने पर नियमानुसार जिम्मेदारी तय की जानी चाहिए।

स्थलीय जांच और रिपोर्ट सार्वजनिक करने की मांग
ग्रामीणों ने मांग की है कि रामपुरवसीतदली ग्राम पंचायत में पिछले वर्षों में कराए गए प्रमुख विकास कार्यों और सरकारी योजनाओं की निष्पक्ष जांच कराई जाए। जांच केवल कागजी रिकॉर्ड तक सीमित न रखते हुए मौके पर जाकर कार्यों की गुणवत्ता और वास्तविक स्थिति का सत्यापन किया जाए।
ग्रामीणों के अनुसार जांच में पंचायत को विभिन्न योजनाओं के तहत मिली धनराशि, खर्च की गई राशि, स्वीकृत एवं पूर्ण कार्यों तथा लाभार्थियों को मिले वास्तविक लाभ का विवरण भी सामने आना चाहिए।
फिलहाल रामपुरवसीतदली में उठ रहे सवालों का अंतिम जवाब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। अब देखना यह है कि लालगंज विकासखंड प्रशासन और जिला पंचायत राज विभाग इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई करता है और क्या पंचायत के विकास कार्यों का स्थलीय निरीक्षण कर वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाती है।

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