मक़सूद अली, ब्यूरो चीफ, यवतमाल (महाराष्ट्र), NIT:

राज्य परिवहन महामंडल (एसटी) की बसों में सरकारी रियायत का लाभ लेने के लिए एनसीएमसी कार्ड की अनिवार्यता को लेकर यात्रियों की परेशानियां बढ़ रही हैं। वरिष्ठ नागरिकों, महिलाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के यात्रियों को कार्ड बनवाने से लेकर उसके इस्तेमाल तक विभिन्न समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। इस व्यवस्था को सरल बनाने के लिए आधार कार्ड और मतदाता पहचान पत्र जैसे वैध दस्तावेजों के आधार पर रियायत देने की मांग मतीन तमन्ना ने की है।
मतीन तमन्ना ने कहा कि राज्य सरकार की ओर से महिलाओं को एसटी बसों के किराये में 50 प्रतिशत छूट तथा वरिष्ठ नागरिकों के लिए आयु के अनुसार रियायत और निःशुल्क यात्रा जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं। इन योजनाओं का लाभ बड़ी संख्या में यात्री उठाते हैं। ऐसे में रियायत के लिए नई कार्ड व्यवस्था लागू करने से पहले पर्याप्त पंजीकरण केंद्र, सुचारु तकनीकी व्यवस्था और यात्रियों की सुविधा सुनिश्चित करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि 16 फरवरी 2026 से वरिष्ठ नागरिकों, अमृत ज्येष्ठ नागरिकों और महिलाओं के लिए एनसीएमसी कार्ड के पंजीकरण एवं वितरण की व्यवस्था शुरू की गई है। डिपो, बस स्टैंड और अधिकृत एजेंटों के माध्यम से कार्ड उपलब्ध कराने की व्यवस्था होने के बावजूद कई स्थानों पर लंबी कतारों की शिकायतें सामने आ रही हैं। बीमार और बुजुर्ग यात्रियों को घंटों इंतजार करना पड़ता है, जबकि महिलाओं को भी अपने जरूरी काम छोड़कर कार्ड बनवाने के लिए समय निकालना पड़ रहा है।
मतीन तमन्ना के अनुसार, ग्रामीण क्षेत्रों में ऑनलाइन प्रक्रिया और डिजिटल भुगतान की जानकारी का अभाव भी परेशानी का कारण बन रहा है। कई वरिष्ठ नागरिक और महिलाएं यूपीआई, ऑनलाइन रिचार्ज आदि की प्रक्रिया से परिचित नहीं हैं। ऐसे में उन्हें दूसरों की मदद लेनी पड़ती है, जिससे गलत लेन-देन और धोखाधड़ी की आशंका बनी रहती है।
उन्होंने कार्ड बनाने के लिए करीब 200 रुपये तथा निजी एजेंट के माध्यम से 250 रुपये तक खर्च होने की बात कहते हुए इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि कार्ड के रिचार्ज और नवीनीकरण की प्रक्रिया भी यात्रियों के लिए परेशानी बढ़ा सकती है। हालांकि, कार्ड शुल्क, रिचार्ज और नवीनीकरण से संबंधित नियमों की स्थिति एसटी महामंडल को स्पष्ट करनी चाहिए।
तकनीकी दिक्कतों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि कंडक्टरों की टिकट मशीन में सर्वर संबंधी समस्या आने पर एनसीएमसी कार्ड स्वीकार नहीं होने की शिकायतें मिल रही हैं। ऐसी स्थिति में पात्र यात्रियों को रियायत के बजाय पूरा किराया देना पड़ सकता है। उन्होंने मांग की कि तकनीकी खराबी के दौरान यात्रियों को रियायत से वंचित न करने के लिए एसटी महामंडल वैकल्पिक टिकट व्यवस्था लागू करे।
मतीन तमन्ना ने कहा कि सरकारी रियायत का उद्देश्य आम नागरिकों को राहत देना है, न कि उन्हें कार्ड बनवाने, लंबी कतारों में खड़े रहने और अतिरिक्त खर्च के लिए मजबूर करना। उन्होंने एसटी महामंडल से एनसीएमसी कार्ड की अनिवार्यता समाप्त कर आधार कार्ड, मतदाता पहचान पत्र तथा अन्य वैध सरकारी दस्तावेजों के आधार पर रियायत देने की व्यवस्था लागू करने की मांग की। साथ ही तकनीकी खराबी की स्थिति में भी पात्र यात्रियों को रियायत का लाभ सुनिश्चित करने की मांग की।
