बिजली-पानी के अभाव और झाड़ियों से घिरा श्मशान घाट, ग्रामीणों ने व्यवस्थाएं दुरुस्त कराने की उठाई मांग | New India Times

वी.के. त्रिवेदी, ब्यूरो चीफ, लखीमपुर खीरी (यूपी), NIT:

विकास खंड बांकेगंज की ग्राम पंचायत ग्रंट नंबर 10 स्थित श्मशान घाट इन दिनों बदहाली का शिकार है। अंतिम विदाई के इस पवित्र और महत्वपूर्ण स्थल पर मूलभूत सुविधाओं का घोर अभाव है। श्मशान घाट परिसर पूरी तरह घनी झाड़ियों, घास-फूस और गंदगी से घिरा हुआ है, जिससे यहां आने वाले ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने जिम्मेदार अधिकारियों और ग्राम पंचायत प्रशासन से मौके का स्थलीय निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को जल्द से जल्द दुरुस्त कराने की मांग की है।

सामने आई तस्वीरों और स्थानीय निवासियों के अनुसार, श्मशान घाट परिसर की नियमित सफाई न होने के कारण यहां बड़ी-बड़ी झाड़ियां और खरपतवार उग आए हैं। पूरा परिसर जंगल जैसा नजर आने लगा है। स्थिति यह है कि अंतिम संस्कार में शामिल होने आने वाले लोगों को झाड़ियों के बीच से होकर गुजरना पड़ता है, जिससे जहरीले जीव-जंतुओं का डर बना रहता है। परिसर के अंदर जर्जर और अधूरी निर्माणाधीन संरचनाएं भी दिखाई दे रही हैं, जो इसकी उपेक्षा को दर्शाती हैं।

ग्रामीणों का कहना है कि श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान बिजली और पानी की सबसे अधिक आवश्यकता होती है। लेकिन यहां न तो पेयजल की उचित व्यवस्था है और न ही रोशनी के लिए बिजली का इंतजाम है। यदि शाम या रात के समय किसी का अंतिम संस्कार करना पड़े, तो अंधेरे के कारण स्थिति और भी विकट हो जाती है।

स्थानीय ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि अंतिम संस्कार स्थल जैसी संवेदनशील और सार्वजनिक सुविधा की इस तरह उपेक्षा बेहद निंदनीय है। ग्रामीणों ने संबंधित उच्चाधिकारियों से मांग की है कि श्मशान घाट का स्थलीय निरीक्षण कराया जाए, परिसर की तत्काल सफाई करवाकर झाड़ियों को हटाया जाए तथा बिजली, पानी (हैंडपंप/पेयजल) और अन्य जरूरी बुनियादी सुविधाओं की व्यवस्था कराई जाए।

इसके साथ ही ग्रामीणों ने श्मशान घाट की देखरेख और नियमित रखरखाव के लिए किसी जिम्मेदार व्यक्ति या संस्था की जवाबदेही तय करने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि जिम्मेदार विभाग और ग्राम पंचायत इस मामले को गंभीरता से लें और जल्द से जल्द आवश्यक कार्रवाई करें, ताकि आम जनता को इस परेशानी से निजात मिल सके।

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