जुन्नारदेव पुलिस की त्वरित कार्रवाई: APK फाइल डाउनलोड करने से हैक हुआ व्हाट्सएप अकाउंट सुरक्षित रिकवर | New India Times

मो. मुजम्मिल, जुन्नारदेव/छिंदवाड़ा (मप्र), NIT:

क्षेत्र में साइबर ठगों के नए-नए पैंतरे लगातार सामने आ रहे हैं। ताजा मामला दातला (जुन्नारदेव) का है, जहां एक युवक साइबर ठगी का शिकार होते-होते बचा। जुन्नारदेव पुलिस की तत्परता और सूझबूझ से युवक का व्हाट्सएप अकाउंट और सिम कार्ड सुरक्षित रूप से रिकवर कराया गया।

कैसे हुआ पूरा मामला?

घटना का कारण: दातला निवासी 19 वर्षीय कुणाल चौरसिया के मोबाइल पर ‘पीएम योजना लिस्ट’ के नाम से एक अज्ञात .apk फाइल डाउनलोड हो गई थी।

व्हाट्सएप हैक और ठगी: फाइल डाउनलोड होते ही युवक का व्हाट्सएप अकाउंट हैक हो गया और उसकी जियो सिम भी बंद हो गई। शातिर हैकरों ने उसके अकाउंट से 256 लोगों की ब्रॉडकास्ट लिस्ट बनाकर एक क्यूआर कोड (QR Code) भेजा और 6,000 रुपये की मांग की। दोस्त समझकर कुछ लोगों ने पैसे ट्रांसफर भी कर दिए।

पुलिस की मदद: पीड़ित युवक ने अगले दिन, 18 सितंबर 2026 को थाना जुन्नारदेव पहुंचकर उप निरीक्षक मुकेश डोंगरे को अपनी समस्या बताई।

पुलिस ने दिखाई तत्परता

उप निरीक्षक मुकेश डोंगरे ने बिना देर किए युवक का मोबाइल चेक किया। फोन में ‘PM AWAS YOJNA’ के नाम से इंस्टॉल संदिग्ध .apk फाइल को तुरंत डिलीट किया गया। इसके बाद व्हाट्सएप को री-इंस्टॉल कर अकाउंट को सुरक्षित किया गया और बंद हुई जियो सिम को पुनः एक्टिवेट कराया गया। समय पर सहायता मिलने पर पीड़ित युवक ने जुन्नारदेव पुलिस का आभार व्यक्त किया।

🛡️ पुलिस एवं साइबर सेल की महत्वपूर्ण चेतावनी

साइबर अपराधों से बचने के लिए पुलिस प्रशासन ने आम जनता से निम्नलिखित अपील की है:

अज्ञात फाइलों से रहें दूर: किसी भी अज्ञात नंबर या सोशल मीडिया ग्रुप से प्राप्त होने वाली .apk फाइल को भूलकर भी डाउनलोड या इंस्टॉल न करें।

लोभ-लालच के झांसे में न आएं: पीएम आवास योजना, मुफ्त मोबाइल रिचार्ज या लॉटरी जैसी लुभावनी योजनाओं के नाम पर आने वाले किसी भी लिंक पर क्लिक न करें।

पैसे भेजने से पहले पुष्टि करें: यदि कोई परिचित व्हाट्सएप या अन्य सोशल मीडिया के माध्यम से आपात स्थिति (जैसे दुर्घटना या बीमारी) का हवाला देकर पैसों की मांग करे, तो फोन पर बात कर पुष्टि किए बिना पैसे ट्रांसफर न करें।

सावधानी और शिकायत: व्हाट्सएप या सोशल मीडिया अकाउंट हैक होने पर तुरंत मोबाइल का डेटा बंद करें, संदिग्ध फाइल डिलीट करें और नजदीकी थाने या साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत शिकायत दर्ज कराएं।

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