फाइन शार्पिंग शॉप की आड़ में चल रहा था अवैध हथियारों का कारखाना, भोपला क्राइम ब्रांच ने किया पर्दा फाश | New India Times

अबरार अहमद खान/मुकीज़ खान, भोपाल (मप्र), NIT:

भोपाल क्राइम ब्रांच ने एक ऐसे कारखाने का पर्दा फाश किया है जिस में अवैध रूप से  धारदार लोहे की छुरियां बनाने एवं बेचने का काम चल रहा था। बताया जा रहा है कि पुलिस ने बड़ी संख्या में तैयार और निर्माणाधीन ब्लेड के साथ हथियार बनाने में इस्तेमाल होने वाली मशीनरी और औजार भी जब्त किए हैं।

पुलिस के अनुसार वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर अवैध हथियारों की तस्करी और निर्माण में लिप्त लोगों की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि बैंड मास्टर तिराहा के आगे बुधवारा तलैया क्षेत्र में “फाइन शार्पिंग शॉप” नाम से दुकान संचालित करने वाला व्यक्ति बड़ी धारदार लोहे की छुरियां बनाकर बेच रहा है।

सूचना पर क्राइम ब्रांच की टीम मौके पर पहुंची और दुकान पर मौजूद संदिग्ध से पूछताछ की। उसने अपना नाम रफत अली पिता शराफत अली, उम्र 40 वर्ष, निवासी बाग उमराव दूल्हा, भोपाल बताया। तलाशी के दौरान पुलिस को दुकान से 12 बड़ी धारदार लोहे की छुरियां, मूठ लगी बिना धार की 6 ब्लेड और 7 अन्य लोहे की ब्लेड मिलीं।

इसके अलावा पुलिस ने हथियार निर्माण में इस्तेमाल होने वाली बड़ी ग्राइंडर मशीन, धार लगाने वाली मशीन, ड्रिल मशीन, बड़ा कटर, हथौड़ी, निहायी, हैंड ग्राइंडर, दो इलेक्ट्रिक मोटर, छैनी, आरी, प्लास सहित अन्य औजार भी जब्त किए। पुलिस ने छुरियों की मूठ तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली करीब 50 रिपिट, फाइबर और अन्य सामग्री भी बरामद की है।

पुलिस के मुताबिक आरोपी से धारदार हथियारों के निर्माण और बिक्री से संबंधित वैध लाइसेंस मांगा गया, लेकिन वह कोई लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद उसके खिलाफ थाना क्राइम ब्रांच में अपराध क्रमांक 123/26, धारा 25(1AA) आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर विधिवत गिरफ्तार किया गया।

सराहनीय भूमिका: उपनिरीक्षक इरशाद अंसारी, सहायक उपनिरीक्षक मो. सादिक, प्रधान आरक्षक विश्वजीत भार्गव, प्रधान आरक्षक मुजफ्फर, प्रधान आरक्षक मुकेश सिंह, प्रधान आरक्षक नारायण मीणा, आरक्षक मुकेश शर्मा एवं आरक्षक प्रदीप सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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