रहीम शेरानी हिन्दुस्तानी, इंदौर (मप्र), NIT:

शिक्षक पात्रता परीक्षा (TET) के विरोध में मध्य प्रदेश प्राथमिक, माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रांतीय आह्वान पर रविवार को जिला अध्यक्ष भंगुसिंह तोमर के नेतृत्व में आलीराजपुर में टीईटी से मुक्ति न्याय यात्रा के तहत सरकार की सद्बुद्धि के लिए नीलकंठेश्वर महादेव एवं संकट मोचन हनुमान मंदिर में हवन-यज्ञ एवं पूजा-पाठ किया गया। पूजा के बाद मंदिर में प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन-अर्जी अर्पित की गई। मंदिर के पुजारी मनोज कुमार शर्मा ने प्राप्त अर्जी को मंदिर के लेटरपैड से कवरिंग बनाकर संबंधित अधिकारियों को प्रेषित किया।

इस दौरान जिलेभर से हजारों की संख्या में शिक्षक जिला स्तरीय कार्यक्रम में पहुंचे। शिक्षकों ने “शिक्षक पात्रता परीक्षा जैसा काला कानून वापस लो” और “शिक्षक पात्रता परीक्षा रद्द करो” जैसे नारे लगाए। इसी आस्था के साथ शिक्षकों ने नीलकंठेश्वर महादेव से न्याय की गुहार लगाते हुए केंद्र सरकार एवं सर्वोच्च न्यायालय को सद्बुद्धि देने तथा शिक्षकों के हित में निर्णय होने की प्रार्थना की।

अनुभवी शिक्षकों से पुनः परीक्षा लेना न्यायसंगत नहीं
जिला अध्यक्ष भंगुसिंह तोमर ने कहा कि नीलकंठेश्वर महादेव को कर्मफलदाता और न्याय के देवता के रूप में माना जाता है, इसीलिए हमने मंदिर में अर्जी लगाई है। शिक्षक अपनी योग्यता, वर्षों के अनुभव और निरंतर सेवाकाल में अपने कर्तव्य को ईमानदारी से निभाते आए हैं। 45, 50 और 55 वर्ष की उम्र पार कर चुके अनुभवी शिक्षकों से पुनः पात्रता परीक्षा लेना न्यायसंगत नहीं है। साथ ही नियुक्ति दिनांक से वरिष्ठता बहाल करने तथा समान कार्य-समान वेतन के लिए केंद्रीय वेतनमान लागू करने की मांग रखी गई है।
जनगणना और चुनाव जैसे कार्य शिक्षक सफलतापूर्वक कराते रहे
संघ जिला उपाध्यक्ष विनय तंवर ने कहा कि सरकार शिक्षकों को छोटे-छोटे प्रशिक्षण देकर जनगणना, चुनाव सहित अनेक महत्वपूर्ण कार्य करवाती रही है। शिक्षक हर जिम्मेदारी को ईमानदारी से निभाते हैं। वर्षों की सेवा के बाद उनकी पात्रता पर सवाल उठाना उचित नहीं है।
गुरु के ज्ञान और अनुभव पर बार-बार सवाल क्यों?
महिला प्रकोष्ठ जिला अध्यक्ष अंजू सिसोदिया ने कहा कि शिक्षकों ने नियुक्ति के समय निर्धारित योग्यता पूरी की है और सेवा में अपनी कार्यक्षमता को साबित किया है। सरकार को शिक्षकों के हित में रास्ता निकालना चाहिए और टीईटी को निरस्त करना होगा, अन्यथा शिक्षक समुदाय सड़कों पर उतरने को मजबूर होगा।
सरकार से कानून वापस लेने की मांग
राज्य कर्मचारी संघ के जिला अध्यक्ष राजेश वाघेला ने कहा कि सरकार एवं सर्वोच्च न्यायालय से मांग है कि शिक्षकों की आयु, अनुभव, पूर्व निर्धारित नियुक्ति योग्यता और लंबे सेवाकाल को ध्यान में रखते हुए शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता से राहत दी जाए तथा शिक्षकों के हित में न्यायपूर्ण निर्णय लिया जाए।
अंत में नीलकंठेश्वर महादेव से की प्रार्थना एवं सौंपा ज्ञापन-अर्जी
टीईटी मुक्ति न्याय यात्रा के समापन पर शिक्षकों ने सामूहिक रूप से हवन-यज्ञ एवं प्रार्थना करते हुए कहा कि नीलकंठेश्वर महादेव उन्हें न्याय दिलाएं और शासन तथा न्याय व्यवस्था को शिक्षकों के हित में उचित निर्णय लेने की प्रेरणा दें। शिक्षकों ने कहा कि अनुभवी शिक्षकों पर पुनः पात्रता परीक्षा का निर्णय उचित नहीं है। सरकार को इस पर पुनर्विचार करना चाहिए।
न्याय यात्रा कार्यक्रम को ट्राइबल वेलफेयर सोसाइटी के जिला अध्यक्ष अनुज द्विवेदी, पुरानी पेंशन बहाल योजना जिला अध्यक्ष सुरेंद्रसिंह चौहान, पीएमयूएम संघ के संगठन मंत्री कौशिक वाघेला, जिला सचिव अंजीश वाघेला, उदयगढ़ ब्लॉक अध्यक्ष प्रेमसिंह जामोद, जोबट ब्लॉक अध्यक्ष राजूसिंह डावर, पेंशनर एसोसिएशन के सदस्य बहादुर सिंह रावत, शंकर हरावल, जयश्री गेहलोद, नीलम गेहलोद आदि ने संबोधित किया।
कार्यक्रम का संचालन रतन सिंह रावत ने किया एवं आभार आईटी सेल प्रभारी एलएन राठौड़ ने माना।
इस अवसर पर भुवानसिंह भाबर, करमसिंह किराड़, सुरला चौहान, सवलसिंह बघेल, मनी चौहान, लालसिंह रावत, देवीसिंह मंडलोई, प्रदीप किराड़, रायसिंह आवासीय, हरसिंह कनेश, गुलाबी तोमर, सुनीता जाटव, शिला ओहरिया, लालबाई सिसोदिया, शर्मीला रावत, विनीता चोंगड़, लीला सोलंकी, वेलकु किराड़, नजरू ओहरिया सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित थे।
