मुबारक अली, ब्यूरो चीफ, शाहजहांपुर (यूपी), NIT:

जिला न्यायालय परिसर में शनिवार को राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ जिला जज धर्मेंद्र कुमार पांडे ने किया। उन्होंने लोक अदालत में लगाए गए विभिन्न स्टॉलों का निरीक्षण कर संबंधित विभागों की योजनाओं और सेवाओं की जानकारी ली। इस अवसर पर न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।
राष्ट्रीय लोक अदालत में मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण के न्यायाधीश मोहम्मद रिजवान अहमद, प्रधान न्यायाधीश परिवार न्यायालय नरेंद्र कुमार, तृतीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश सुरेश कुमार शर्मा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश शिव कुमार, तृतीय मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ज्योति अग्रवाल, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की सचिव अपेक्षा सिंह तथा अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार सिंह समेत अन्य न्यायिक अधिकारी उपस्थित रहे।
लाभार्थियों को वितरित किए उपकरण और प्रमाण पत्र
लोक अदालत के दौरान जिला जज ने विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं के लाभार्थियों को उपकरण और प्रमाण पत्र वितरित किए। दिव्यांग लाभार्थियों को ट्राईसाइकिल तथा आवास योजना के लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। योजनाओं का लाभ मिलने पर लाभार्थियों ने खुशी जताई।
18 साल पुराने दांपत्य विवाद का हुआ समाधान
राष्ट्रीय लोक अदालत में पारिवारिक और दांपत्य विवादों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण आकर्षण का केंद्र रहा। लोक अदालत में सात दंपतियों ने आपसी मतभेद समाप्त कर दोबारा साथ रहने का निर्णय लिया। इनमें एक दंपति का विवाद करीब 18 वर्षों से चला आ रहा था। लंबे समय से अलग रह रहे पति-पत्नी ने आपसी सहमति से विवाद समाप्त कर साथ जीवन बिताने पर सहमति जताई। इससे न केवल मुकदमेबाजी खत्म हुई, बल्कि परिवार को भी दोबारा एक साथ आने का अवसर मिला।
जेल में तैयार उत्पादों की प्रदर्शनी ने खींचा ध्यान
जिला कारागार के बंदियों द्वारा तैयार की गई पेंटिंग, गमले तथा विभिन्न उपयोगी एवं आकर्षक वस्तुओं की प्रदर्शनी भी लगाई गई। न्यायिक अधिकारियों, अधिवक्ताओं और आम लोगों ने प्रदर्शनी में रुचि दिखाई और बंदियों की रचनात्मकता एवं हुनर की सराहना की। इस दौरान जेल अधीक्षक जेपी तिवारी सहित जिला कारागार के अधिकारी और कर्मचारी मौजूद रहे।
एक करोड़ रुपये के मोटर दुर्घटना क्लेम का निस्तारण
लोक अदालत में मोटर दुर्घटना से जुड़े एक मामले में एक करोड़ रुपये के क्लेम का निस्तारण भी प्रमुख रहा। एमएसीटी के मामले शिवानी बनाम हामिद एवं गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस कंपनी में वादिनी शिवानी को दुर्घटना के करीब छह माह के भीतर एक करोड़ रुपये का क्लेम दिलाया गया। मामले के निस्तारण में अधिवक्ता सैयद मुजीब अहमद, बीमा कंपनी की ओर से रिजवान अहमद, जिला जज एमएसीटी शाहजहांपुर तथा मैनेजर हरप्रीत सिंह का सहयोग रहा।
चेक बाउंस समेत कई मामलों का निस्तारण
राष्ट्रीय लोक अदालत में चेक बाउंस, मोटर दुर्घटना, पारिवारिक और दांपत्य विवाद समेत विभिन्न मामलों का सुलह-समझौते के आधार पर निस्तारण किया गया। न्यायिक अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने पक्षकारों को आपसी सहमति से विवाद समाप्त करने के लिए प्रेरित किया। लोक अदालत के माध्यम से मामलों का त्वरित निस्तारण होने से पक्षकारों को लंबे समय तक चलने वाली मुकदमेबाजी, समय और आर्थिक खर्च से राहत मिली।

