मुराद खान, लालगंज/मिर्ज़ापुर (यूपी), NIT:

गरीब और जरूरतमंद परिवारों को खाद्य सुरक्षा उपलब्ध कराने के लिए संचालित अंत्योदय योजना को लेकर लालगंज ब्लॉक की 53 ग्राम पंचायतों में सवाल उठने लगे हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कई वर्षों पुराने अंत्योदय राशन कार्डों का समय-समय पर समुचित सत्यापन नहीं होने से अपात्र परिवारों के योजना का लाभ लेने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने खाद्य एवं रसद विभाग से सभी ग्राम पंचायतों में विशेष सत्यापन अभियान चलाने की मांग की है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई अंत्योदय कार्ड करीब 20 से 25 वर्ष पुराने बताए जा रहे हैं। इतने लंबे समय में लाभार्थियों की आर्थिक स्थिति, रोजगार, परिवार के सदस्यों की संख्या और अन्य परिस्थितियों में बदलाव स्वाभाविक है। ऐसे में पात्रता की वर्तमान स्थिति का सत्यापन किया जाना जरूरी है।
लोगों ने सवाल उठाया कि यदि किसी परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार हो चुका है और वह अब अंत्योदय योजना की पात्रता में नहीं आता, तो उसके कार्ड की श्रेणी बदलने अथवा नियमानुसार निरस्त करने की प्रक्रिया क्यों नहीं हुई। वहीं, यदि अपात्र लाभार्थी लंबे समय से सरकारी राशन प्राप्त कर रहे हैं तो सत्यापन और निगरानी व्यवस्था की भूमिका भी जांच के दायरे में आनी चाहिए।
ग्राम पंचायत स्तर पर सत्यापन और राशन वितरण व्यवस्था को लेकर भी ग्रामीणों ने सवाल उठाए हैं। हालांकि, ग्राम पंचायत सचिव, कोटेदार या किसी अन्य व्यक्ति की मिलीभगत अथवा आर्थिक लेन-देन के आरोपों की स्वतंत्र जांच के बिना पुष्टि नहीं की जा सकती। ग्रामीणों ने इसी वजह से मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।
ग्रामीणों की मांग है कि लालगंज ब्लॉक की सभी 53 ग्राम पंचायतों में अंत्योदय कार्डधारकों की सूची सार्वजनिक कर विशेष सत्यापन कराया जाए। कार्ड जारी होने की तारीख, लाभार्थी की वर्तमान आर्थिक स्थिति, परिवार के सदस्यों की संख्या, पात्रता संबंधी दस्तावेज और राशन वितरण रिकॉर्ड का मिलान किया जाए। जांच में अपात्र पाए जाने वाले लाभार्थियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करते हुए वास्तविक जरूरतमंद परिवारों को योजना का लाभ दिया जाए।
ग्रामीणों का कहना है कि यदि निष्पक्ष जांच होती है तो लंबे समय से चली आ रही किसी भी अनियमितता की वास्तविक स्थिति सामने आ सकती है। अब देखना यह है कि खाद्य एवं रसद विभाग इन शिकायतों को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या 53 ग्राम पंचायतों में अंत्योदय कार्डों का व्यापक सत्यापन कराया जाता है।

