इलाहाबाद में गरजा ‘GenZ Rising’: शिक्षा, भर्ती और छात्र दमन के खिलाफ AISA का महाजुटान, बनारस अगला पड़ाव | New India Times

अंकित तिवारी, ब्यूरो चीफ, प्रयागराज (यूपी), NIT:

इलाहाबाद में गरजा ‘GenZ Rising’: शिक्षा, भर्ती और छात्र दमन के खिलाफ AISA का महाजुटान, बनारस अगला पड़ाव | New India Times

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के अभियान के तहत ‘GenZ Rising’ महाजुटान का कार्यक्रम आज इलाहाबाद में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुआ। कार्यक्रम की प्रमुख कड़ी के रूप में 25 जुलाई के आंदोलन में पुलिस द्वारा फर्जी मुकदमे लगाकर गिरफ्तार किए गए छात्र साथी मोहम्मद वैश, मोहम्मद सूफियान और संदीप कुमार को मंच पर बुलाया गया। इस दौरान उनकी पीड़ा सुनी गई और उन्हें न्याय दिलाने तक उनके साथ संघर्ष जारी रखने का संकल्प लिया गया।

इलाहाबाद में गरजा ‘GenZ Rising’: शिक्षा, भर्ती और छात्र दमन के खिलाफ AISA का महाजुटान, बनारस अगला पड़ाव | New India Times

इसके साथ ही इलाहाबाद विश्वविद्यालय में छात्रसंघ बहाली आंदोलन के दौरान निष्कासित किए गए छात्र साथी रोशन ने भी मंच पर अपनी बात रखी।

कार्यक्रम में प्रदेश में चल रहे प्राथमिक शिक्षक भर्ती आंदोलन का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। AISA ने नई प्राथमिक शिक्षक भर्ती को पुरानी नियमावली के तहत लागू करने की मांग को लेकर चल रहे आंदोलन को पूर्ण समर्थन दिया और कहा कि इसे ‘GenZ Rising’ अभियान का प्रमुख मुद्दा बनाया जाएगा।

कार्यक्रम में मुख्य वक्ताओं ने कहा:

AISA की अखिल भारतीय अध्यक्ष नेहा ने कहा, “उत्तर प्रदेश में शिक्षा को सुनियोजित तरीके से बर्बाद किया जा रहा है। हर कैंपस में छात्रसंघ चुनावों पर रोक, छात्र-छात्राओं का दमन और निष्कासन आम बात हो गई है। प्राथमिक शिक्षक भर्ती में सरकार नौजवानों के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। यह दिखाता है कि योगी सरकार विश्वविद्यालयों में लोकतंत्र से डरती है। GenZ अब इस लूट और दमन के खिलाफ चुप नहीं बैठेगी। इस लड़ाई को हम पूरे उत्तर प्रदेश में ले जाएंगे।”

JNUSU की सहसचिव दानिश ने कहा, “JNU से लेकर इलाहाबाद विश्वविद्यालय तक दमन का तरीका एक ही है—सवाल उठाओ तो निलंबन, आंदोलन करो तो FIR। लेकिन छात्र डरने वाले नहीं हैं।”

AISA उत्तर प्रदेश के अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा, “जंतर-मंतर पर हमारी भूख हड़ताल एक शुरुआत थी। मुकदमों और जेल से आंदोलन को दबाया नहीं जा सकता। प्राथमिक शिक्षक भर्ती को पुरानी नियमावली के तहत बहाल करने की मांग न्यायसंगत है और AISA इस लड़ाई में शिक्षक अभ्यर्थियों के साथ मजबूती से खड़ी है। प्रयागराज से बनारस तक हम इस लड़ाई को हर कैंपस में ले जाएंगे।”

इलाहाबाद विश्वविद्यालय छात्रसंघ के अध्यक्ष के.के. राय ने कहा, “25 जुलाई को छात्रों पर लगाए गए फर्जी मुकदमे पूरी तरह असंवैधानिक हैं। हम कानूनी और सड़क, दोनों स्तरों पर छात्रों के साथ हैं।”

इंकलाबी नौजवान सभा (RYA) के प्रदेश सचिव सुनील मौर्य ने कहा, “इलाहाबाद विश्वविद्यालय आंदोलनों की धरती रहा है। नौजवानों को जेल में डालकर यह सरकार अपनी नाकामी छुपा रही है, लेकिन यह आंदोलन रुकेगा नहीं।”

कार्यक्रम में ऐक्टू के प्रदेश सचिव अनिल वर्मा, समकालीन जनमत के संपादक के.के. पांडेय, विनोद तिवारी, सुभाष पांडेय, राघवेंद्र सिंह, पद्मा सिंह, सीमा आजाद, रेखा मौर्य, राधा सहित तमाम लोग मौजूद रहे।

कार्यक्रम में सैकड़ों छात्र मौजूद रहे। वक्ताओं ने कहा कि इलाहाबाद के बाद इस यात्रा का अगला पड़ाव बनारस होगा।

कार्यक्रम का संचालन AISA के प्रदेश सचिव शशांक ने किया।

By nit

प्रातिक्रिया दे

आपका ईमेल पता प्रकाशित नहीं किया जाएगा. आवश्यक फ़ील्ड चिह्नित हैं *

This site uses Akismet to reduce spam. Learn how your comment data is processed.

Exit mobile version